आईएमए में सिविल कर्मचारियों की भर्ती के अनिवार्य अनुभव के फर्जी दस्तावेज आरआईएमसी और आईएमए से जारी किए गए हैं।
सैन्य अधिकारियों से पूछताछ करेगी सीबीआई
ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ के 283 पदों पर फर्जीवाड़े के मामले में बड़े अधिकारियों की संलिप्तता सामने आने पर अब सीबीआई नामजद तीन सैन्य अधिकारियों से पूछताछ करेगी।
पढ़ें, उत्तराखंड के इस गांव में कोई लड़की नहीं बनती दुल्हन
सूत्रों के अनुसार, आरआईएमसी (राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज) के जिस सैन्य अधिकारी की ओर से एक महिला को सर्टिफिकेट जारी करने की बात सामने आई है वह उस समय (जब प्रमाण पत्र जारी किया गया) प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर आरआईएमसी में तैनात था।
पढ़ें, हमारे सीएम का खर्चा देखकर तो अंबानी भी शरमा जाएं
प्रमाण पत्र जारी करने के कारणों को लेकर अभी जांच होनी है। इसके अलावा आईएमए (भारतीय सैन्य अकादमी) से एमटी ड्राइवरों के लिए कई फर्जी अनुभव पत्र जारी होने की बात भी सामने आई है।
पढ़ें, सरकार ने सभी को दिया नए साल का तोहफा
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने दस्तावेजों को फर्जी पाए जाने के बाद सैन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि, आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अनिवार्य अनुभव के प्रमाण पत्र संस्थान ने खुद क्यों दिए और किसकी सहमति से दिए गए, ये खुलासा होना अभी शेष है।
फोरेंसिक रिपोर्ट ने उठाए और सवाल
सीबीआई ने अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में दो तरह की लिखाई होने पर फोरेंसिक जांच के लिए कापियां भेजी थीं।
पढ़ें, श्रीनगर और लखनऊ से बेहतर है देहरादून
हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की फोरेंसिक रिपोर्ट में कई कापियां ऐसी सामने आई हैं जिनमें लिखाई एक से अधिक व्यक्ति की मिली है। इससे परीक्षा चयन बोर्ड घिरता दिख रहा है।