महिला कैडेट्स का पासआउट होना भारत के महिला नेतृत्व वाले विकास का प्रतीक : मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से महिला कैडेट्स का पासआउट होना रक्षा सेनाओं के लिए केवल एक उपलब्धि नहीं है। बल्कि यह भारत के महिला नेतृत्व वाले विकास को दर्शाता है। आईएमए से पहली बार नौ महिलाएं अफसर बनकर निकली हैं। तीनों सेनाओं की कमांडर राष्ट्रपति मुर्मू शनिवार को इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनीं। उन्होंने पासिंग आउट परेड की सलामी ली और युवा अफसरों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। आईएमए परेड में कुल 515 कैडेट्स पासआउट हुए।
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इनमें 158 रेगुलर कोर्स, 47 टेक्निकल एंट्री स्कीम कोर्स, 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स और 56वें स्पेशल कमीशन ऑफिसर कोर्स से थे। इसके अलावा 34 मित्र राष्ट्रों के ऑफिसर्स कैडेट्स भी अकादमी से पासआउट हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी के बाद अफसरों को संबोधित किया। उन्होंने अफसरों से कहा कि उनका साहस और विवेक सबसे बड़ी शक्ति होंगे। महिला कैडेट्स को परेड में शामिल होते देख उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में और अधिक महिला कैडेट अकादमी से जुड़ेंगी।