बेटे को अफसर बनते देख पिता की आंखों में आए आंसू
अलीगढ़ के पीपलीगांव के रहने वाले जेंटलमैन कैडेट कैलाश शर्मा आज अपने दोस्तों के बीच आदर्श बन चुके हैं। वे उन चंद युवाओं में शामिल हो गए हैं जो सेना का अधिकारी बनने का सपना देखते हैं और उसे पूरा कर पाते हैं। कैलाश शर्मा के पिता महिपाल शर्मा स्वयं भी सेना में हवलदार रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैलाश उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी से हैं जो सेना में जाकर देश की सेवा करने का सपना साकार करने में सफल हुए हैं।
बेटे कैलाश शर्मा को अफसर बनते देख पिता महिपाल शर्मा की आंखों में आंसू आ गए। अपना आंसू पोछते हुए उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी की वर्दी में देखकर उनका जी भर आया। उनकी मां ने बताया कि कैलाश शर्मा ने आईएमए में जाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की थी और आज उसका सपना साकार हुआ।
शिक्षिका मां का सपना हुआ साकार, बेटा बना सेना का बड़ा अफसर
सेना के अफसर बने करन पांडे ऊधमसिंह नगर के रहने वाले हैं। उनके पिता दिनेश शर्मा एक निजी कंपनी में अधिकारी हैं। उनकी मां रंजीता पांडे एक शिक्षिका थीं। दो वर्ष पहले ही उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। करन पांडेय ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। उनके आवास के पास कुमाऊं रेजीमेंट का मुख्य कार्यालय है। इस मुख्यालय में लगातार सेना से जुड़ी गतिविधियां होती रहती हैं। इसे देखकर करन के मन में सेना में जाने का सपना पलने लगा।
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उनके पिता दिनेश शर्मा ने बताया कि करन की शिक्षा को मजबूत करने में उनकी मां की भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण रही और उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि आज करन सेना के उच्च अधि्कारी बनने में सफल हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में अब तक कोई सेना से जुड़ा नहीं रहा है, लेकिन करन के नाना सेना में रह चुके हैं। संभवतः उन्हें देखकर ही मां रंजीता पांडे के मन में यह चाहत थी कि उनका बेटा सेना का बड़ा अधिकारी बने। उन्होंने कहा कि आज करन की मां का सपना साकार हुआ।