सौरभ के दादा स्वर्गीय प्रताप सिंह नगरकोटी और पिता नंदन नगरकोटी भी भारतीय सेना का हिस्सा रहे हैं। मां चंदा नगरकोटी ने बताया कि सैनिक बाहुल्य होने के कारण उनके गांव को फौजियों का गांव भी कहा जाता है।
गांव में बड़ी संख्या में सैनिक और पूर्व सैनिक हैं। इसलिए जब वर्ष 2015 में सौरभ का चयन एनडीए के लिए हुआ और उसने आईएमए में प्रशिक्षण पूरा किया तो उनके साथ पूरा गांव खुशी से झूम उठा। सौरभ के छोटे भाई गौरव का चयन भी वर्ष 2017 में एनडीए के लिए हुआ था। इस समय वह एनडीए खड़गवासला में ट्रेनिंग कर रहे हैं।