एलोपैथी चिकित्सा पद्धति को लेकर दिए गए योगगुरु बाबा रामदेव के बयान को लेकर देशभर के डॉक्टरों में आक्रोश है। इसके विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ और रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टरों ने मंगलवार को काला दिवस मनाया। इस दौरान डॉक्टरों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह व सचिव डॉ. रूपा हंसपाल की अगुवाई में राजधानी के तमाम डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। डॉॅ. अमित सिंह ने कहा कि बाबा रामदेव ने एलोपैथी चिकित्सा पद्धति के साथ ही डॉक्टरों को लेकर जो बयानबाजी की है उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। बाबा रामदेव को न सिर्फ माफी मांगनी चाहिए, वरन उन्हें अपना बयान वापस भी लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि आईएमए की ओर से योगगुरु रामदेव को नोटिस जारी किया गया है। अगर 15 दिन के भीतर वह जवाब नहीं देते हैं तो एसोसिएशन आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार करेगी।
वहीं, पीएमएसएच के सचिव एवं वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने कहा कि बाबा रामदेव को योग और आयुर्वेद तक ही सीमित रहना चाहिए। उन्हें एलोपैथी चिकित्सा पद्धति को लेकर बयानबाजी करने का कोई हक नहीं है। इस तरह की बयानबाजी उनकी छोटी सोच को दर्शाता है। डॉ. त्रिपाठी के मुताबिक एलोपैथी चिकित्सा पद्धति के जरिए ही दुनिया में जितनी भी महामारी आईं, उनसे करोड़ों लोगों की जिंदगी को बचाया जा सका।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ के साथ ही रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से भी काला दिवस मनाया गया। इस दौरान दून अस्पताल, कोरोनेशन अस्पताल और गांधी शताब्दी अस्पताल में तैनात रेजीडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।