राजधानी देहरादून में रिस्पना नदी के किनारे धोरणखास जोगर्स पार्क क्षेत्र में 45 झोपड़ियां फिर गिरा दी गईं। आज से ठीक तीन महीने पहले और डेढ़ साल पहले भी इसी जगह से इन झोपड़ियों को हटाया गया था।
अवैध कब्जा करके बनीं खर-पतवार की इन झोपड़ियों को हटाने में जिला प्रशासन, नगर निगम और एमडीडीए लगे हुए हैं। एडीएम प्रशासन हरक सिंह रावत की अगुवाई में नगर निगम की टीम ने जेसीबी से सारी झोपड़ियां गिरा दीं।
लोग हल्ला मचाने लगे
आशियाना ढहने से आक्रोशित लोग हल्ला मचाने लगे। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस के लाठियां तानने से चुप हो गए। लोगों का कहना था कि बहुत से बड़े लोगों की कोठियां भी अवैध कब्जा करके बनी हैं। प्रशासन पहले उन्हें क्यों नहीं गिराता। नगर निगम की टीम ने झोपड़ियों का खर-पतवार कब्जे में ले लिया। एडीएम ने कहा कि अगर लोग यहां से कहीं और शिफ्ट न हुए तो गृहस्थी का सारा सामान जब्त कर लिया जाएगा।
तार बांधकर यहां बाउंड्री कर दी जाएगी
उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले नगर निगम ने यहां से कब्जा हटाया था। डेढ़ साल पहले भी झोपड़ियां गिराई गई थीं। लेकिन लोगों ने फिर बना लीं। इस स्थान पर अवैध कब्जा रोकने के लिए एमडीडीए तीन दिनों से लकड़ी के एंगिल गाड़ रहा है। एडीएम ने बताया कि एंगिल पर तार बांधकर यहां बाउंड्री कर दी जाएगी। लोग सरकारी जमीन पर अवैध रूप से घर बनाए हुए हैं। इस मौके पर मुख्य नगर अधिकारी उदय सिंह राणा, सीओ मसूरी जया बलोनी आदि रहे।