एसएसपी की अगुवाई में रविवार को चली एंटी माइनिंग सेल और पुलिस की कार्रवाई ने देहरादून जिले में अवैध खनन की पोल खोल दी।
जिले में विभिन्न जगहों से अवैध खनन सामग्री से लदे 65 वाहन और दो जेसीबी पकड़े गए, जिन्हें संबंधित क्षेत्र के थानों में खड़ा किया गया है। विकासनगर क्षेत्र में कुल्हाल बार्डर के साथ डाकपत्थर और ढकरानी में अवैध खनन सामग्री से लदे 35 वाहनों को सीज किया गया। हिमाचल की ओर से आने वाले अधिकतर वाहनों में ओवरलोड अवैध उपखनिज मिला।
डोईवाला के लालतप्पड़-माजरी से अवैध खनन में लगे दो जेसीबी समेत 26 डंपर सीज किए गए। खनन में पकड़े गए अधिकतर वाहन हरिद्वार जिले से आए थे। दून शहर के विभिन्न थानों ने छह वाहनों को सीज किया। एसएसपी पुष्पक ज्योति ने शनिवार रात 11 बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक एंटी माइनिंग सेल की टीम के साथ जगह-जगह छापेमारी की।
कुल्हाल बार्डर पर हिमाचल की ओर से आने वाले ट्रक और डंपरों की चेकिंग की गई। वाहन चालकों के पास सेल्स टैक्स के साथ उपखनिज के रवन्ने थे, लेकिन 26 वाहनों में मानकों से दोगुना रेत, बजरी और पत्थर ढोया जा रहा था। चालकों के पास रवन्ने नौ टन के जबकि वाहन में माल 15-18 टन लदा था। सभी वाहनों को सीज कर दिया गया।
यहां कार्रवाई के बाद टीम डाकपत्थर और ढकरानी स्थित खनन पट्टों की ओर बढ़ गई। सूर्योदय से पहले वाहन खनन के लिए नदी में उतरे थे। यहां अवैध खनन पर नौ वाहनों को पकड़ा गया। इन वाहनों को कोतवाली लाकर सीज कर दिया गया। टीम में एसपी देहात मणिकांत मिश्र, सीओ स्वप्न किशोर सिंह, कोतवाल चंदन सिंह बिष्ट आदि शामिल रहे।
डोईवाला में अभियान चलाने वाली टीम में एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय, डालनवाला कोतवाल अनिल जोशी आदि थे। डोईवाला कोतवाल संदीप नेगी ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
चालक ने की सिपाही को रौंदने की कोशिश
अवैध खनन के खिलाफ चले अभियान के दौरान काशीपुर में अवैध खनिज से भरे ट्रक के चालक ने सिपाही को कुचलने का प्रयास किया। सिपाही ने किसी तरह अपनी जान बचाई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया।
शनिवार देर रात आईटीआई थाने में तैनात दरोगा सुधाकर जोशी ने अवैध खनन से भरे ट्रक को रुकने का इशारा किया। लेकिन ट्रक चालक ने वाहन को दौड़ा दिया। इस दौरान सिपाही सामने आया तो उसे कुचलने का प्रयास किया गया। सिपाही ने बमुश्किल अपनी जान बचाई।
पुलिस ने कुछ दूर तक पीछा कर ट्रक को पकड़कर चालक को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिया गया चालक जम्मू का बताया गया है। उधर, सूत्रों के अनुसार चालक को छुड़ाने के लिए पुलिस के उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि सिपाही को कुचलने का प्रयास करने वाले चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुमाऊं में 77 वाहन सीज, 54 का चालान
प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से छापामार कर कुमाऊं भर में बड़े पैमाने पर वाहन सीज किए और उनके चालान काटे। मंडलभर में जहां टीमों ने 77 खनिज वाहन सीज किए, वहीं कुमाऊं भर में 54 वाहनों का ओवरलोडिंग, फिटनेस फेल होने और लाइसेंस न होने पर चालान काटा गया।
इनमें 36 वाहनों का हल्द्वानी-हल्दूचौड़-लालकुआं में तो 18 का बीसा (बागेश्वर) में चालान काटा गया। अवैध खनन के खिलाफ रविवार को दूसरे दिन भी हल्द्वानी के एसडीएम पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल, लालकुआं तहसीलदार, सीओ राजेंद्र ह्यांकी, सीओ बचन सिंह राणा, एआरटीओ डॉ. गुरदेव सिंह ने अलग-अलग टीम बनाकर एक साथ आंवला गेट, इंद्रानगर, शीशमहल, इमलीघाट पर ताबड़तोड़ छापे मारे।
एसएसपी नैनीताल सेंथिल अबूदई के मुताबिक छापे में 36 वाहनों का चालान करने के साथ ही 11 वाहनों को सीज किया गया। कार्रवाई को लेकर गौला खनन संघर्ष समिति के पदाधिकारी और डंपर स्वामियों ने जमकर हंगामा भी किया।
लालकुआं पुलिस टीम ने मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव, हल्दूचौड़, देवरामपुर एवं इमलीघाट समेत पांच गौला गेटों पर भी छापे मारकर गड़बड़ी पकड़ी। वहीं एसडीएम पंकज उपाध्याय के मुताबिक ओवरलोड और फिटनेस फेल वाहनों को सीज किया गया है।
उधर, ऊधमसिंह नगर में एसएसपी नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में शनिवार देर रात पुलिस टीम जिले भर में अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाकर 66 वाहनों को सीज दिया।
एसएसपी ने बताया कि अभियान के दौरान काशीपुर थाना क्षेत्र में चार, आईटीआई थाना क्षेत्र में 17, बाजपुर में 24, दिनेशपुर में 2, जसपुर में 4 और सितारगंज में अवैध खनिज से भरे 15 ट्रक सीज किए गए। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक वायर आदि निकालकर भाग गए ताकि पुलिस वाहनों को न ले जा सके। इसके बावजूद ट्रकों को संबंधित थानों में ले जाया गया।
कई सवाल खड़े कर गया अवैध खनन रोकने का अभियान
हरिद्वार में शनिवार रात अवैध खनन रोकने के लिए चलाया गया अभियान कई सवालों को भी जन्म दे गया। खासतौर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक विकास सलाहकार रणजीत रावत का इस अभियान में रातभर हरिद्वार की सड़कें नापना सभी को हैरत में डाल गया।
क्योंकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। डीजीपी बीएस सिद्धू के हरिद्वार में मौजूद रहते भी सीएम के सलाहकार का रातभर अभियान का हिस्सा बनना कई तरह के इशारे भी कर रहा है। देहरादून में दो-दो आईपीएस इस अभियान की कमान संभाले थे। ऊधमसिंह नगर में भी एसएसपी नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में अभियान चला।
हरिद्वार इस मायने में कुछ खास रहा। यहां डीजीपी ने ऑपरेशन चलाया। एंटी माइनिंग फोर्स के सीईओ व गढ़वाल रेंज के आईजी संजय गुंज्याल भी इसी अभियान में थे। इसके बावजूद सीएम के सलाहकार का रातभर हरिद्वार और खासकर पथरी क्षेत्र में कई घंटे रहना हैरान करने वाला रहा।
इससे हरिद्वार में अभियान चला रहे अफसरों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लगते दिख रहे हैं। सवाल ये भी है कि सरकार ने हरिद्वार में अपने अफसरों पर पूरा भरोसा क्यों नहीं किया, आखिर क्यों पूरा अभियान रणजीत रावत की निगहबानी में चला ?
इससे अलग भी कई तरह की चर्चाएं हैं। कहा जा रहा है कि हरिद्वार में सीज किए गए एक स्टोन क्रशर में बहुगुणा सरकार में प्रभावशाली रहे एक कांग्रेसी की साइलेंट पार्टनरशिप बताई जाती है। इसके अलावा जहां-जहां कार्रवाई हुई वहां के कारोबार में कई ऐसे लोगों का वर्चस्व था जो सत्ता के करीबी नेताओं की आंख की किरकिरी बने थे।