भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड जोन पांच में आता है और यहां 3.5 रिक्टर स्केल वाले भूकंप आते ही रहते हैं। इतनी क्षमता वाले भूकंपों से घबराने की जरूरत नहीं है। आईआईटी रुड़की की प्रयोगशाला में भूकंपों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाती है।
विज्ञानियों के मुताबिक इंडियन प्लेट यूरेशियन प्लेट की तरफ हर साल 40 से 50 मिलीमीटर आगे खिसक रही है। जिसकी वजह से भूकंप आ रहे हैं। वर्तमान इंडियन प्लेट पहले अंटार्टिका के ठीक नीचे हुआ करती थी जो खिसकते हुए भारत के ठीक नीचे आ गई है। इसी प्लेट के खिसकने व टकराने के चलते हिमालय पर्वत का निर्माण हुआ जो कभी समुद्र का सबसे गहरा हिस्सा हुआ करता था।