कैसे तैयार हुआ पाठ्यक्रम?
डॉ. डिमरी ने बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और इग्नू के संयुक्त प्रयास से हिंदी और उड़िया में एमबीए पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें एआईसीटीई के एआई आधारित अनुवाद टूल अनुवादिनी की मदद से अंग्रेजी पाठ्यक्रम सामग्री का क्षेत्रीय भाषाओं में रूपांतरण किया गया।
यह पहल उन छात्रों के लिए है जो अपनी मातृभाषा में पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि अब तमिल, तेलुगु, कन्नड़, पंजाबी, बंगाली, मराठी, गुजराती, मलयालम, उर्दू और असमिया में भी एमबीए कोर्स शुरू करने की तैयारी चल रही है।