भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए जाने वाले उत्तराखंड कैडर 2002 के आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने केंद्रीय लोकपाल की अन्वेषण शाखा में प्रतिनियुक्ति मांगी है। उनके इस कदम से एक बार फिर सियासत गरमाने के आसार हैं। संजीव ने पूर्व में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ओएसडी के पद पर मांगी गई प्रतिनियुक्ति को लेकर भी खासा विवाद हुआ था।
उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सदस्यता वाली चयन समिति ने उनके इस प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि उन्होंने अभी तीन साल का कूलिंग पीरियड पूरा नहीं किया है। पहले हरियाणा और उसके बाद दिल्ली एम्स में मुख्य सतर्कता अधिकारी रहते हुए भ्रष्टाचार के कई मामलों को खोलने पर संजीव चतुर्वेदी सुर्खियों में आए थे।