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Uttarakhand: यूपी आरएनएन ने आईटीआई भवनों के घटिया निर्माण का भुगतान नहीं लौटाया तो होगा मुकदमा, नोटिस जारी

Wed, 04 Dec 2024 09:26 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

सीएस सचिवालय में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने उत्तराखंड पेयजल निगम को आईटीआई सुरक्षा निर्माण सहित सभी निर्माण कार्यों में दीर्घ अवधि के विजन तथा समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य करने की कड़ी हिदायत दी।
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मुख्य सचिव राधा रतूड़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड सरकार के छह आईटीआई भवनों के निर्माण की गुणवत्ता घटिया मिलने और आधे-अधूरे काम से नाराज मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तरप्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) को भुगतान वापसी के लिए तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस पर अमल न करने की सूरत में उन्होंने निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है।

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सीएस सचिवालय में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने उत्तराखंड पेयजल निगम को आईटीआई सुरक्षा निर्माण सहित सभी निर्माण कार्यों में दीर्घ अवधि के विजन तथा समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य करने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने आईटीआई भवनों के सुरक्षा निर्माण कार्यो के साथ ही ड्रेनेज सिस्टम और बाउंड्री वॉल का भी कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आईटीआई नारसन (हरिद्वार) में सुरक्षा निर्माण कार्यों के संबंध 187.30 लाख रुपये के प्रोजेक्ट लागत पर अनुमोदन दिया। कार्यदायी एजेंसी पेयजल निगम को हिदायत दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
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छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत उन्होंने इस प्रोजेक्ट का 10 दिन के भीतर सिंचाई विभाग से तकनीकी परीक्षण कराने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने को कहा है। उन्होंने अगले मानसून से पहले निर्माण कार्यों को पूरा करने और आईटीआई कैंपस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर सचिव सी रविशंकर सहित पेयजल निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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15 दिन में भुगतान नहीं लौटाया तो होगी कार्रवाई
अपर सचिव सी. रविशंकर ने बताया कि यूपीआरएनएन को छह आईटीआई भवनों के खराब और आधे-अधूरे निर्माण के संबंध में 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। इन भवनों में जो कार्य हो चुका है, उसे छोड़कर बाकी अधूरे और खराब गुणवत्ता वाले कार्य की धनराशि निगम को निर्धारित अवधि 15 दिन में लौटानी होगी। ऐसा न होने पर निगम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आईटीआई निदेशक को आईटीआई भवनों के निर्माण कार्यों का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

त्रिवेंद्र सरकार में भी हुआ था यूपीआरएनएन पर एक्शन
त्रिवेंद्र सरकार में भी यूपीआरएनएन को दिए गए सैकड़ों करोड़ रुपये के कार्यों की गुणवत्ता के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। तत्कालीन सरकार में निगम के कार्यों की जांच के लिए विशेष ऑडिट कराया गया था। निगम को काली सूची डालने के साथ ही भविष्य में राज्य सरकार की कार्यदायी संस्थाओं को ही कार्य दिए जाने का निर्णय हुआ था।
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