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Iट्रैवल एजेंसी को उपभोक्ता की रकम लौटाने और 25 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश
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Iपरिवार समेत यूरोप टूर का पैकेज बुक कराने वाले एक उपभोक्ता का वीजा आवेदन दूतावास ने रद्द कर दिया तो उपभोक्ता की क्या गलती थी। इस टिप्पणी के साथ जिला उपभोक्ता आयोग ने ट्रैवल एजेंसी को उपभोक्ता के एक लाख चार हजार रुपये वापस करने का आदेश दिया। साथ ही मानसिक प्रताड़ना और मुकदमा खर्च के लिए 25 हजार रुपये हर्जाना भरने का आदेश भी दिया।
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Iजिला आयोग के अध्यक्ष पुष्पेंद्र खरे की पीठ ने निजी ट्रैवल एजेंसी केसरी टूर्स प्रा. लि. (मुंबई) और उनकी देहरादून स्थित अधिकृत एजेंसी ब्लेसिंग वर्ल्ड ट्रैवल को सेवा में कोताही बरतने का दोषी ठहराया है। आयोग में पटेलनगर की पाम सिटी निवासी डॉ. अनिल राजपूत ने शिकायत दाखिल की थी। पक्ष रखा कि उन्होंने अप्रैल 2018 में पत्नी और दो बच्चों के साथ इटली, स्विट्जरलैंड और पेरिस जाकर छुट्टियों की योजना बनाई थी। इसके लिए ट्रैवल एजेंसी के जरिये 7.39 लाख रुपयों के पैकेज का चयन किया था। हवाई टिकट और अन्य एडवांस बुकिंग के लिए 1.60 लाख रुपये का भुगतान किया।
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I19 जून को यात्रा की तारीख तय हो गई। वीजा आवेदन के लिए 21 हजार रुपये भी दिए। 24 मई को दिल्ली जाकर इटली दूतावास में वीजा आवेदन की प्रक्रिया पूरी की। ये आवेदन रद्द होने की सूचना उस दिन (19 जून) मिली जिस दिन यात्रा निर्धारित थी। डॉ. राजपूत ने ट्रैवल एजेंसी से जमा की गई राशि मांगी लेकिन एजेंसी ने इन्कार कर दिया। कानूनी नोटिस भेजने पर 55,249 रुपये का चेक दिया। डॉ. राजपूत ने बाकी एक लाख रुपयों के लिए उपभोक्ता आयोग में शिकायत दाखिल की। फैसले में आयोग ने माना कि वीजा का निरस्त होना उपभोक्ता के नियंत्रण से बाहर था।I