नाबालिग को अपना वाहन चलाने के लिए देने वालों को अब जेल की हवा खानी होगी। मोटर व्हीकल एक्ट में हुए संशोधन के बाद उन वाहन मालिकों को तीन माह की जेल और एक हजार रुपये के जुर्माना का प्रावधान कर दिया है, जिनके नाम पर पंजीकृत वाहन को नाबालिग चला रहा है।
उत्तर प्रदेश में यह संशोधन लागू होने के बाद उत्तराखंड में इसके अनुपालन की तैयारी है। नियम को कठोर बनाने से सड़क हादसों में नाबालिगों की मौत के मामलों में गिरावट आ सकती है।
देश भर में बच्चों के दोपहिया और चौपहिया वाहन चलाने से सड़क हादसों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। यही कारण है कि मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव की मांग उठ रही थी। अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड भी उससे अछूता नहीं है। खासतौर से देहरादून में वाहन चलाने की वजह से इस साल कई नाबालिगों को जान से हाथ धोना पड़ा। हाल ही में केंद्र सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर व्यवस्था की है कि नाबालिग बच्चों को वाहन देने वाले अभिभावक अब सजा के हकदार होंगे।