प्राइवेट नौकरी अगर अचानक चली जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अंशधारक हैं तो पीएफ आपके लिए संकटमोचक साबित होगा।
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नौकरी जाने पर आप अपने पीएफ खाते से एडवांस के तौर पर पैसा निकाल सकेंगे। हाल ही में हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी है। यह भी तय किया है कि अब 20 के बजाय दस कर्मचारियों वाले संस्थान भी पीएफ के दायरे में आएंगे।
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ईपीएफओ से जुड़े किसी भी अंशधारक की नौकरी जाने की तिथि से एक माह पूरा होने तक पीएफ अकाउंट से एडवांस पैसा निकालने के लिए ईपीएफओ में आवेदन किया जा सकता है। इसके आधार पर पीएफ खाते में जमा कुल रकम का 60 प्रतिशत या तीन माह तक के वेतन के बराबर एडवांस मिल सकेगा। बचा हुआ पैसा आपके पीएफ खाते में ही रहेगा। नौकरी दोबारा मिलने के बाद उसी खाते में पीएफ अंशदान शुरू हो जाएगा। पीएफ खाते में रिटायरमेंट का फंड भी बना रहेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ईपीएफओ के मुताबिक, अगर खाताधारक को तीन माह तक नौकरी नहीं मिलती है तो वह ईपीएफओ के पास एक और एडवांस के लिए आवेदन कर सकता है। इस बार पीएफ खाते में जमा रकम का 80 प्रतिशत तक या दो माह के वेतन के बराबर पैसा मिल सकता है। सबसे अच्छी बात यह होगी कि इस दौरान खाता बंद नहीं होगा। ईपीएफओ देहरादून के क्षेत्रीय आयुक्त मनोज कुमार यादव ने बताया कि सीबीटी की बैठक में यह फैसले लिए हैं। सरकार जल्द इनका नोटिफिकेशन जारी कर देगी।
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क्या है सीबीटी: सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ईपीएफओ के मामलों में फैसला लेने वाली शीर्ष समिति होती है। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री करते हैं। पीएफ खातों से लेकर अंशदान तक के अहम फैसले सीबीटी की बैठक में ही पास होते हैं। इसके बाद केंद्र सरकार उनका नोटिफिकेशन जारी करती है।
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अभी यह है नियम : किसी कर्मचारी की नौकरी जाने पर वह दो माह के भीतर अपने पीएफ खाते से पूरा पैसा निकाल सकता है। उसका पीएफ खाता बंद भी किया जा सकता है। अभी तक एडवांस पैसा लेने की सुविधा नहीं है। अगर जरूरत पड़े तो खाता बंद कराना पड़ता है।
20 के बजाय 10 कर्मचारियों पर पीएफ: अभी तक केवल वही कंपनियां ईपीएफओ के दायरे में आती हैं, जिसमें कर्मचारियों की संख्या कम से कम 20 हो, लेकिन सीबीटी की बैठक में तय किया है कि यह संख्या घटाकर 10 की जाएगी। यानी अब जिस कंपनी में कम से कम 10 कर्मचारी होंगे, वह ईपीएफओ के दायरे में आएगी। इससे नौकरीपेशा लोगों का बड़ा वर्ग पीएफ के दायरे में आ जाएगा।