II
I
I
I
Iसंबद्धता मामले में श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन भी आया सवालों के घेरे में
I
I17 संस्थानों के पास श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्धता न होने पर परीक्षा परिणाम और प्रवेश पर रोक लगाई गई है। ऐसे में संस्थानों ने सवाल उठाते हुए कहा, जब बीते छह साल से संबद्धता ही नहीं दी गई तो विवि ने परीक्षा किस आधार पर कराई।
I
Iदरअसल, कोरोना काल 2019-20 के बाद से प्रदेशभर में विवि से संबद्ध कई निजी संस्थानों का न निरीक्षण किया गया और न ही संबद्धता दी गई, लेकिन इन छह सालों में विवि की ओर से तय समय पर परीक्षा भी कराई गई और छात्रों से परीक्षा शुल्क भी लिया गया। ऐसे में अब संस्थान सवाल उठा रहे हैं कि जब संबद्धता ही नहीं थी तो विवि ने किस आधार पर परीक्षा कराई। जबकि, मान्यता न होने से हजारों छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ भी नहीं मिला। ऐसे में इन संस्थानों से पासआउट हो चुके छात्र व दूसरे वर्ष में प्रवेश कर चुके छात्रों को चिंता सता रही है कि उनकी डिग्री व डिप्लोमा के साथ मार्कशीट भी वैध है या नहीं।
I
I
I
Iनिजी कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने आदेश दिए थे कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 तक सभी संबद्ध संस्थानों को अस्थायी संबद्धता दी जाए, लेकिन इसके बावजूद भी विवि ने न निरीक्षण कराया और न ही संबद्धता दी। उधर, परिणाम रोकने की बात हो रही है तो जब विवि ने ही परीक्षा कराई है तो विवि कैसे परिणाम रोक सकता है। बताया, शैक्षणिक सत्र 2020-21 में ही विवि की ओर से निरीक्षण समिति गठित की गई थी, लेकिन संबद्धता नहीं दी।
I
I
I
I
I
Iसंबद्ध संस्थानों में शिक्षकों के अनुमोदन और निरीक्षण के संबंध में विवि की ओर से 12 स्मरण पत्र भेजे जा चुके हैं। रही बात निरीक्षण के संबंध में पत्र देने की तो निरीक्षण के लिए पत्र संस्थानों की ओर विवि को दिया जाता है। उस पत्र के आधार पर ही निरीक्षण कराया जाता है। यह सब संस्थानों की लापरवाही है। छात्रों को इससे किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए इन छह सालों में परीक्षा भी कराई। अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है, संस्थान विवि के नियमों के अनुसार निरीक्षण करा संबद्धता ले सकते हैं। - एनके जोशी, कुलपति, श्रीदेव सुमन विविI