जेएनयू प्रकरण पर प्रख्यात बासुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने असहिष्णुता और जेएनयू प्रकरण पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आज ध्वंसात्मक मुद्दे अधिक उठाए जाते हैं, रचनात्मक नहीं। जबकि रचनात्मकता से ही समाज में सुधार लाया जा सकता है। कहा कि आज के समय में सकारात्मक नहीं बल्कि नकारात्मक घटनाओं को प्रमुखता दी जाती है।
प्रख्यात बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया बृहस्पतिवार को आइडिया जलसा कंसर्ट के आयोजन के लिए देहरादून पहुंचे। कौलागढ़ स्थित ओएनजीसी कम्युनिटी सेंटर में शाम 6:30 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा। कार्यक्रम में बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, शास्त्रीय गायक रितेश और रजनीत मिश्रा के साथ जुगलंबदी करते दिखेंगे। गायक दुर्गा जसराज कार्यक्रम का संचालन करेंगी।
बुधवार को राजपुर रोड स्थित होटल मधुबन में मीडिया से रूबरू हुए बांसुरी वादक ने हरिप्रसाद ने कहा यदि कही संगीत का बड़ा कार्यक्रम होता है तो उसको अंदर के पन्नों पर थोड़ी सी जगह दी जाती है। जब तक संचार माध्यम रचनात्मक कार्यक्रमों पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक समाज का भला नहीं हो सकता। चौरसिया ने अपनी संगीत की शिक्षा के सवाल पर कहा कि मां से संगीत सीखा है। कहा कि मां जब भी मुझे दूध पिलाती थी तो कुछ न कुछ गुनगुनाती रहती थी बस वहीं से मेरी संगीत की शिक्षा शुरू हुई।
आइडिया सेलुलर यूपी वेस्ट के सीओओ नाओजर आईब्रारा ने बताया कि आइडिया जलसा म्यूजिक फॉर द सोल कंसर्ट को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य दून के लोगों को आइडिया सेलुलर कंपनी की विभिन्न सेवाओं से अवगत कराने और शास्त्रीय संगीत से जोड़ना है। इस मौके पर पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, दुर्गा जसराज आदि उपस्थित थे।