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आईएएस स्टिंग प्रकरण: गिरफ्तार उमेश शर्मा की पत्नी ने उत्तराखंड पुलिस पर लगाए संगीन आरोप

Tue, 30 Oct 2018 10:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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आरोपी को कोर्ट ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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स्टिंग प्रकरण में गिरफ्तार एक निजी चैनल के सीईओ उमेश शर्मा की पत्नी सोनिया शर्मा ने पूरे मामले को षड्यंत्र करार दिया है।

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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने जिस तरह से उनके पति को गिरफ्तार किया है वह एक साजिश है। उन लोगों को सर्च वारंट की कोई जानकारी नहीं दी। जबरन घर में घुसकर पहले कुक से मारपीट की।

सबसे हैरानी की बात यह है कि हमारे ही कर्मचारी आयुष गौड़ से एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस षड्यंत्र में कौन कौन लोग शामिल हैं, यह तो अभी मैं नहीं जानती हूं। उन्होेंने कहा कि हम सच्ची खबर दिखाते हैं, इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।

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प्रदेश में वायरल न होने वाले स्टिंग ऑपरेशन की लंबी फेहरिस्त

प्रदेश में बीते कुछ साल में हुए ऐसे स्टिंग ऑपरेशनों की लंबी फेहरिस्त हैं, जिनके सच सेटिंग के खेल में खुफिया कैमरों में ही कैद रह गए।

घर के भेदी आयुष गौड़ की सटीक जानकारी पर ही पुलिस ने उमेश की कोठी और आफिस को खंगाला था। ऐसे में जब्त इलेक्ट्रानिक उपकरणों से कई राज खुल भी सकते हैं। बशर्ते जांच में पूरी तरह से निष्पक्षता और पारदर्शिता बरती जाए। 

उत्तराखंड में स्टिंग ऑपरेशन का खेल कई सालाें से बदस्तूर चल रहा है। खासतौर से सीएम और बड़े नौकरशाह इसका शिकार होते रहे हैं। ऐसे स्टिंग ऑपरेशनाें की लंबी श्रंखला है। लेकिन उनमें से चुनिंदा स्टिंग ही सामने आ पाए और अधिकांश सेटिंग के खेल में छिपा लिए गए।

यह पहला मौका है जब स्टिंग प्रकरण को लेकर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई हुई है। इस बार भी सीधे तौर पर कार्रवाई के बजाय स्टिंग करने वालाें के एक मोहरे के सहारे निशाना साधा गया हैं।

दरअसल, मुकदमा दर्ज कराने वाला आयुष गौड़ भी स्टिंग के खेल का राजदार रहा है। इसी का पूरा फायदा पुलिस और शीर्ष स्तर पर जुड़े लोगाें ने उठाया है।

पुलिस के पास पहले से ही जानकारी थी कि उमेश शर्मा के आवास और आफिस पर व्यापक पैमाने पर पुराने स्टिंग ऑपरेशनों का रिकार्ड मिल सकता है। इसी लिहाज से मुकदमे में गिरफ्तारी के साथ आवास और आफिस का सर्च वारंट लिया गया। ताकि पुराने स्टिंग का जखीरा बरामद कर इस पूरे खेल को बेनकाब किया जा सके।
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पूर्व की सरकारों के समय में हुए स्टिंग ऑपरेशन की रिकार्डिंग होने का भी अनुमान

बताया जा रहा है कि पुलिस अपने मकसद में काफी हद तक कामयाब रही है। उमेश के दफ्तर और आवास से नगदी के अलावा कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव, डीवीडी, लैपटॉप आदि काफी संख्या में इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद हुए हैं।

इनमें वर्तमान के अलावा पूर्व की सरकारों के समय में हुए स्टिंग ऑपरेशन की रिकार्डिंग होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अब यह देखना है कि कोर्ट के आदेश पर इलेक्ट्रानिक उपकरणाें की फोरेंसिक जांच में किसी तरह का सच बाहर आ पाता हैं।
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