इसके साथ ही पुलिस ने उमेश से कुछ अहम चीजें बरामद करने के लिए न्यायालय से पांच दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी। मंगलवार को उमेश के अधिवक्ता एमएम लांबा ने जमानत अर्जी भी दाखिल की थी।
बुधवार को न्यायालय में अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों के प्रार्थनापत्रों पर बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएम लांबा ने पुलिस रिमांड को गैर जरूरी बताया। अपने तर्कों में बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस पहले ही सर्च वारंट लेकर उमेश के घर की तलाशी ले चुकी है।
पुलिस का तर्क था कि वह उमेश से पासवर्ड बरामद करना है। ऐसे में बचाव पक्ष ने इस पर भी तर्क दिया कि सभी इलेक्ट्रोनिक आइटमों को फोरेंसिक लैब भेजा जाना है, लिहाजा वहां की रिपोर्ट आने के बाद ही इसमें कोई निर्णय लिया जा सकता है।
हालांकि, न्यायालय ने अभियोजन के प्रार्थनापत्र पर उमेश शर्मा की सात घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की। पुलिस उमेश को बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे सुद्धोवाला जिला कारागार से लेगी और शाम पांच बजे उसे पुन: दाखिल कराना होगा। बता दें कि पुलिस उमेश से कुछ इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, पासवर्ड और असलाह बरामद करना चाहती है।