गिरफ्तारी के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी गई है। एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। डॉ. पांडे की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा और हाईकोर्ट के अधिवक्ता विपुल शर्मा ने बहस की।
बता दें कि डॉ. पांडे पर आरोप है कि बतौर आर्बिट्रेटर उन्होंने एनएच 74 के मुआवजे मामले में सरकारी जमीन के अतिक्रमणकारियों के पक्ष में आदेश पारित किया। इससे सरकार को राजस्व की हानि हुई।
पंकज पांडे ने अग्रिम जमानत की याचिका एंटी करप्शन कोर्ट नैनीताल में दाखिल की थी। पांच जनवरी को वहां से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने के बाद डॉ. पांडे ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। अब 12 फरवरी को सुनवाई होगी।