देश को प्रशासनिक अधिकारी देने वाली मसूरी स्थित आईएएस अकादमी की इमारत के भीतर कई काले कारनामे छिपे हैं।
सूत्र बताते हैं कि अकादमी के अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, अधिकारी ऐसे किसी भी मामले को अकादमी की दीवारों से बाहर नहीं आने देते। कर्मचारियों पर दबाव बना मामले दबा दिए जाते हैं।
फर्जी आईएएस प्रकरण की वजह से इन दिर्नों आईएएस अकादमी चर्चाओं में है। लेकिन सौरभ जैन अकादमी के पहले अधिकारी नहीं, जिन पर गड़बड़ी का आरोप है। कुछ वर्ष पूर्व तो एक महिला अधिकारी का नाम भी ऐसे अफसरों में शुमार था। इस अधिकारी ने वन कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए मसूरी में सैकड़ों बांज के हरे पेड़ कटवा डाले।
इसके बाद कई फ्लैट बनवाए और इन्हें बेचकर करोड़ों की कमाई की। बताया जाता है कि मौजूदा निदेशक को जब इसकी जानकारी लगी तो उन पर भी इसने रौब गालिब करने की कोशिश की थी। हालांकि, निदेशक ने उसके तबादले की सिफारिश कर दी थी। अब यह अधिकारी कहां है, नहीं मालूम।