विकासनगर। चिरंजीपुर गांव में 33केवी की लाइन टूटकर मकान और खेतों में जा गिरी। इससे एक मकान में करंट दौड़ गया और घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फुंक गए। मकान में दरारें पड़ गई हैं। गनीमत यह रही कि हादसे में कोई भी जनहानि नहीं हुई। खेतों में जिस जगह पर तार गिरी, उसके आसपास की फसल भी जल गई। दो से तीन मिनट तक घर के पास से पटाखे फूटने की आवाज सुनाई देती रही। लोगों ने घटना की जानकारी यूपीसीएल को दी। इसके बाद बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया। पूरे पालिका क्षेत्र में करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
जानकारी के अनुसार चिरंजीपुर गांव में एक निजी स्कूल के सामने तेजेंद्र कौर का मकान है। उनके मकान के ऊपर से 33केवी की बिजली लाइन गुजर रही है, जबकि मकान के पास ही खेत भी हैं। मंगलवार की सुबह नौ बजे अचानक तार टूटकर उनके मकान के ऊपर जा गिरी, जिससे पूरे मकान में करंट दौड़ गया। मकान से पटाखे फूटने की आवाज आती सुनाई दी। इसे सुन आसपास रहने वाले लोग उनकी घर की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने देखा कि मकान के ऊपर बिजली लाइन गिरी हुई थी और मकान में दरारें भी पड़ गई हैं। इसकी जानकारी उन्होंने यूपीसीएल को दी। इसके बाद बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया। दोपहर एक बजे लाइन को ठीक कर आपूर्ति को सुचारु किया गया।
यूपीसीएल के एसडीओ मनोज कंडवाल ने भी मौके पर पहुंच घटना का जायजा लिया। तेजेंद्र कौर ने बताया कि लाइन गिरने से घर में लगे पंखे, टीवी, गिजर, फ्रिज, लाइट समेत कई बिजली उपकरण पूरी तरह से फुंक गए हैं। एसडीओ ने बताया कि हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान बनाना पूरी तरह से मना है। नियमानुसार मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा।
जर्जरहाल लाइनों की मरम्मत कराई जाए
विकासनगर। ह्यूमन राइट्स एंड आरटीआई एसोसिएशन ने यूपीसीएल से लंबे समय से जर्जर हाल पड़ी 33केवी की बिजली लाइनों की मरम्मत की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा और महासचिव भास्कर चुग ने कहा कि क्षेत्र से गुजर रही 33केवी की लाइनों की लंबी समय से मरम्मत नहीं हुई है। कई जगहों पर तार बेहद कमजोर पड़ गए हैं। ऐसे में अक्सर लोड बढ़ने पर लाइन टूट जाती है। इसके कारण हादसों का अंदेशा बना रहता है। उन्होंने कहा कि सड़क के बीच से गुजर रही तारों के नीचे गार्डिंग की व्यवस्था नहीं है, जबकि नियमानुसार आबादी क्षेत्र के बीच से गुजर रही तारों के नीचे गार्डिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लाइनों की मरम्मत के नाम पर उन्हें सिर्फ जोड़ गांठ कर काम चलाया जा रहा है। गर्मियों में आंधी तूफान चलने पर हादसों का खतरा बढ़ जाता है।