मुआवजा पैकेज और पुनर्वास का आश्वासन पूरा नहीं करने पर धारी गांव के प्रभावित परिवारों में जल विद्युत परियोजना का काम कर रही जीवीके कंपनी के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने अपना वायदा पूरा नहीं किया तो 31 मार्चको कंपनी कार्यालय पर ताले डालने को मजबूर हो जाएंगे।
धारी गांव के ग्रामीणों ने एसडीएम कीर्तिनगर को ज्ञापन भेज जल विद्युत परियोजना कंपनी जीवीके पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने प्रभावितों को पुनर्वास और मुआवजे का आश्वासन दिया था।
मार्च 2013 में 22 परिवारों को 10-10 लाख के चेक दिए थे। लेकिन इनमें से 18 परिवारों के चेकों का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। इसके अलावा कंपनी ने 20 परिवारों के पुनर्वास के संबध में एसडीएम कीर्तिनगर को सूची भेजी थी।
इस पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि जून माह की आपदा में पुल टूटने के बाद ट्राली लगाई गई थी। जो कि शाम को सात बजे ही बंद हो जाती है।
साथ कई बार ट्रॉली खराब होने से ग्रामीणों का शहर से संपर्क कट जाता है। ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. मंजू पांडे, मीला पांडे, एकादशी पांडे, देवकी पांडे, शंकर लाल, रामेश्वर पांडे, चंडी पांडे, अनुज भट्ट आदि शामिल थे।