पत्नी के चरित्र पर शक ने हिलाल के इकलौते 12 वर्षीय बेटे की जिंदगी उजाड़ डाली। बच्चे की मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद उसकी परवरिश कौन करेगा। उसके सिर से माता पिता का साया उठ गया है।
हिलाल के पुत्र नय्यर इकबाल ने बताया कि उसके चाचा, दादा, दादी कोई नहीं हैं। उसके पिता बिहार से बहुत समय पहले आकर गाजियाबाद में रहने लगे थे। उसकी मां बीमार हो गई थी। मां को लेकर उसके पिता दो माह पहले कलियर लेकर आए थे। वह मुजफ्फरनगर के कांधला के पास जोला में एक मदरसे में पढ़ाई करता है।