जनता एक्सप्रेस रोजाना शाम सवा छह बजे देहरादून स्टेशन से वाराणसी के लिए रवाना होती है। बृहस्पतिवार शाम पांच बजकर 40 मिनट पर यह प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रवाना होने के लिए खड़ी थी। बड़ी संख्या में यात्री इसमें सवार हो चुके थे। तभी एक व्यक्ति तेजी से इनक्वायरी विंडो पर पहुंचा और रेलकर्मी से बोला ‘जनता एक्सप्रेस में आरडीएक्स रखा है।
डोईवाला पहुंचते ही इसमें विस्फोट हो जाएगा’। यह सुनते ही इनक्वायरी में तैनात कर्मी के हाथ-पांव फूल गए। उसने अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। इस पर एसपी सिटी श्वेता चौबे, एसओ जीआरपी दिनेश कुमार के अलावा रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स स्टेशन पर मौके पर पहुंची और तुरंत पूरी ट्रेन खाली कराई। बम डिस्पोजल और डॉग स्कवॉयड से ट्रेन की तलाशी ली।
करीब आधे घंटे तक छानबीन होती रही, लेकिन कहीं कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया, लेकिन कई यात्री इतने दहशत में थे कि उन्होंने गंतव्य जाने की बजाय वापस जाना उचित समझा।
रेलवे पुलिस के एएसपी मनोज कत्याल ने बताया कि देर रात झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति आशीष नंदा निवासी गुरु रोड को गिरफ्तार कर लिया गया। एएसपी के अनुसार आशीष नंदा एक कॉल सेंटर में काम करता है। इन दिनों उसके सास-ससुर घर आए हुए थे। बृहस्पतिवार को आशीष का पत्नी के साथ किसी बात पर विवाद हो गया था।
विवाद बढ़ता देख उसकी पत्नी मां-बाप को वापस भेजने के लिए उन्हें लेकर रेलवे स्टेशन आ गई। आशीष को लगा कि उसकी पत्नी भी मां-बाप के साथ जा रही है। पत्नी को रोकने के लिए ही उसने ट्रेन में विस्फोटक की झूठी सूचना दी थी।
पुलिस ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज, खामी आई सामने
छानबीन के बाद जनता एक्सप्रेस को करीब आधा घंटे की देरी से रवाना किया गया। उसके बाद पुलिस ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली। सूचना देने वाला व्यक्ति हाफ पैंट पहने था। उसके बाद वह तेजी से स्टेशन के गेट से बाहर निकल गया। लेकिन बाहर कैमरे न होने पर उसका पता ही नहीं चला कि वह कहां गया। इसके अलावा एक डोर मेटल डिटेक्टर भी खराब है।