बांसफोड़ान चौकी क्षेत्र में रहने वाले एक युवक का विवाह दस साल पहले बिलासपुर (रामपुर) निवासी युवती से हुआ था। दंपति की एक बेटी भी है। महुआखेड़ागंज में ग्राम मिस्सरवाला निवासी एक व्यक्ति की फ्रेबीकेशन की फैक्ट्री है। महिला के पति से उसका गहरा दोस्ताना था। इस कारण उसका अक्सर उसके घर आना-जाना रहता था।
इस व्यक्ति के इंजीनियर पुत्र की भी शादी हो चुकी है। करीब नौ माह पहले महिला के पति ने अनबन होने पर उसे तलाक दे दिया, लेकिन बेटी के खातिर दोनों फिर से एक साथ रहने की गुंजाइश तलाशने लगे।
ऐसे में दोबारा निकाह करने के लिए हलाला एकमात्र समाधान था। ढलती उम्र के दोस्त पर भरोसा कर उक्त युवक ने उसके समक्ष पत्नी के साथ हलाला करने का प्रस्ताव रख दिया, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हो गए। प्रस्ताव के मुताबिक निकाह करने के अगले दिन ही उसे महिला को अपने निकाह से आजाद करना था।
15 जनवरी 2018 को कलियर (रुड़की) जाकर दोनों ने निकाह कर लिया। हलाला हो जाने के बाद महिला ने निकाह से आजादी मांगी तो उक्त व्यक्ति मुकर गया। विरोध करने पर वह उसे अपनी पत्नी बताकर जबरन उसका यौन शोषण करता रहा।
उक्त व्यक्ति ने उसे अलग मकान और उसके नाम दस लाख रुपये की एफडी कराने भी झांसा दिया। महिला का कहना है कि बाद में उसने हालात से समझौता कर अधेड़ व्यक्ति को ही अपना नसीब मान लिया। करीब छह माह तक यह सिलसिला चलता रहा। बाद में इस बात की भनक अधेड़ की पत्नी और उसके पुत्र को लग गई, जिससे हंगामा खड़ा हो गया। महिला का कहना है कि परिजनों के दबाव में पति उससे जबरन पिंड छुड़ाना चाहता है।
जबकि अब पहला पति उसे अपनाने को तैयार नहीं है। ऐसे में उसकी जिंदगी दोराहे पर खड़ी हो गई है। महिला ने पति व उसके शादीशुदा पुत्र पर मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उक्त व्यक्ति ने डरा-धमकाकर एक स्टांप पेपर पर उससे जबरन तलाक लिखवा ली। पीड़ित महिला ने पुलिस उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
बदनीयती से हलाला करने वाला व्यक्ति शरीयत के कानून का मुजरिम है। निकाह वाली रात ही उसे आजाद कर देना चाहिए था। अधिकार संपन्न शादीशुदा व्यक्ति अपने परिजनों की सहमति से दूसरा निकाह कर सकता है। एक बार किसी महिला को निकाह में लेने के बाद उसे तलाक देना बहुत बड़ा गुनाह है।
- मुफ्ती मुनाजिर हुसैन, शहर काजी, काशीपुर