लोगों के विरोध और छत्तीसगढ़ से कुलजीत की बहन सुरजीत कौर की तहरीर देने के बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस और एसओजी की टीम ने हल्दूचौड़ से लेकर लालकुआं तक के सभी सीसीटीवी खंगाले। इस बीच, छोटू सरदार और तीन लोगों के गोलगप्पे खाने की फुटेज पुलिस के रडार में आने पर पुलिस को लाइन मिल गई।
एसएसपी मीणा के अनुसार पुलिस का शक तब और गहरा गया था जब हादसे के बाद छोटू ने अपनी पत्नी को अस्पताल ले जाते वक्त किसी को भी कार में नहीं बैठने दिया। पुलिस की पूछताछ में भी वह बार-बार बयान बदलता रहा। पुलिस ने उसकी कॉल डीटेल्स और गतिविधियों की बारीकी से जांच की तो परत खुल गई।
इस टीम ने पकड़ा आरोपियों को
प्रभारी निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय, एसओजी प्रभारी डीसी पंत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रेम विश्वकर्मा, विमल कुमार मिश्रा, राकेश कठायत, चंदशेखर जोशी, किशोर रौतेला और तरुण मेहता के अलावा एसओजी कर्मी।
टीम को सम्मानित करेंगे
मानव उत्थान सेवा समिति के कुमाऊं प्रभारी युवा संत स्वामी सत्यबोधानंद ने कुलजीत ह्त्याकांड का पर्दाफाश किए जाने पर कोतवाल योगेश उपाध्याय और पूरी पुलिस टीम को सम्मानित करने का एलान किया है।