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पति ने पत्नी को कार से कुचलवाकर उतारा मौत के घाट, साढ़े सात लाख की सुपारी देकर शव लगवाया ठिकाने

Thu, 16 May 2019 08:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लालकुआं (नैनीताल)
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आखिरकार वही हुआ जिसका शक था। कुलजीत कौर की मौत हादसा नहीं, हत्या थी। पति ने ही कार से कुचलवाकर हत्या करवाई थी। उसने साढ़े सात लाख की सुपारी देकर तीन हत्यारों से कुलजीत के शव को ठिकाने लगवाया। पुलिस ने पति समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। महिला को टक्कर मारने वाली कार भी पुलिस ने बरामद कर ली है। 

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बुधवार दोपहर कोतवाली परिसर में एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बताया कि सात मई शाम हरचरण सिंह उर्फ छोटू सरदार ने भाड़े के तीन लोगों की मदद से अपनी पत्नी कुलजीत कौर की कार से कुचलकर हत्या करवा दी थी।

हरचरण सिंह ने अपने इकबालिया जुर्म में बताया कि बिजनेस पार्टनर खटीमा निवासी लक्ष्मण भाटिया को आपबीती सुनाकर उसने पत्नी को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। लक्ष्मण सिंह भाटिया ने नानकमत्ता में रहने वाले नरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू और पिंटू के ड्राइवर छिंदर सिंह उर्फ छिंदा निवासी केलाखेड़ा ऊधमसिंह नगर से हरचरण को मिलवाकर हत्या का तानाबाना बुना।
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कार की जबरदस्त टक्कर से उसे मारने का प्लान बनाया गया। तय किया गया कि सात मई की रात आठ बजे जब कुलजीत शिवालिक पुरम स्थित अपने कमरे में जाने के लिए सड़क पार करेगी तभी कार की टक्कर मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया जाएगा। लेकिन कुलजीत शिवालिक पुरम कॉलोनी से कुछ पहले ही उतर गई और अपने वकील से मिलने चली गई।

इसके बाद जैसे ही घर जाने के लिए सड़क पर आई तो कार ने कुचल दिया। साढे़ सात लाख के सौदे में छोटू ने तीन लाख दस हजार रुपये अभियुक्तों को एडवांस में दे दिए थे। पुलिस ने चारों आरोपियों का आईपीसी की धारा 302, 201, 506, 34 और 120 बी के तहत चालान कर जेल भेज दिया।

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ऐसे खुला मामला

लोगों के विरोध और छत्तीसगढ़ से कुलजीत की बहन सुरजीत कौर की तहरीर देने के बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस और एसओजी की टीम ने हल्दूचौड़ से लेकर लालकुआं तक के सभी सीसीटीवी खंगाले। इस बीच, छोटू सरदार और तीन लोगों के गोलगप्पे खाने की फुटेज पुलिस के रडार में आने पर पुलिस को लाइन मिल गई।

एसएसपी मीणा के अनुसार पुलिस का शक तब और गहरा गया था जब हादसे के बाद छोटू ने अपनी पत्नी को अस्पताल ले जाते वक्त किसी को भी कार में नहीं बैठने दिया। पुलिस की पूछताछ में भी वह बार-बार बयान बदलता रहा। पुलिस ने उसकी कॉल डीटेल्स और गतिविधियों की बारीकी से जांच की तो परत खुल गई।

इस टीम ने पकड़ा आरोपियों को
प्रभारी निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय, एसओजी प्रभारी डीसी पंत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रेम विश्वकर्मा, विमल कुमार मिश्रा, राकेश कठायत, चंदशेखर जोशी, किशोर रौतेला और तरुण मेहता के अलावा एसओजी कर्मी।

टीम को सम्मानित करेंगे
मानव उत्थान सेवा समिति के कुमाऊं प्रभारी युवा संत स्वामी सत्यबोधानंद ने कुलजीत ह्त्याकांड का पर्दाफाश किए जाने पर कोतवाल योगेश उपाध्याय और पूरी पुलिस टीम को सम्मानित करने का एलान किया है।
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