बीती बुधवार को वर्षा अपने भाई के साथ सरकारी अस्पताल बेटे को टीका लगाने पहुंची। टीकाकरण का कार्ड सोनू के पास था। फोन आने पर सोनू अस्पताल पहुंचा और वर्षा को करवाचौथ होने पर घर साथ चलने के लिए कहने लगा, लेकिन वह नहीं मानी और भाई के साथ मायके लौट गई।
परिजनों के अनुसार देर शाम सोनू घर लौटा और खाना खाने के बाद कमरे में सोने चला गया। देर रात करीब 1:30 बजे उसकी मां रानी देवी ने सोनू के कमरे की लाइट जलती देखी। मां ने सोनू को लाइट बंद करने के लिए आवाज दी लेकिन जवाब नहीं आने पर परिजनों ने दरवाजा खटखटाया लेकिन सोनू ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो भीतर सोनू का शव फंदे पर झूलता मिला। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिस पर उसने अपने प्यार का इजहार करते हुए कहा कि वर्षा तुमने मुझे कभी नहीं समझा और न कभी मेरा कहना माना। मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं और मजबूरी में यह कदम उठा रहा हूं...।