इधर करीब दो वर्षों से चल रहे प्रकरण पर संतोषजनक कार्यवाही न होने से आहत पत्नी संगीता देवी ने 13 दिसंबर को कुलपति को पत्र लिखकर 21 दिसंबर तक पति की सेवा समाप्ति के आदेश पारित नहीं होने पर सोमवार से आमरण अनशन की धमकी दी थी। इस पर सोमवार सुबह नौ बजे संगीता अपने बुजुर्ग पिता गंगा दयाल, पुत्र पंकज धीर निगम व पुत्री निशु के साथ आमरण अनशन पर बैठ गई।
संगीता का आरोप था कि पति का अवकाश (118 दिन का उपार्जित अवकाश व 55 दिन का चिकित्सकीय अवकाश) स्वीकृत न होते हुए भी विवि प्रशासन ने गलत तरीके से उसे वेतन के रूप में 4,32,500 रुपये का भुगतान कर दिया। पति ने कई लोगों से नौकरी लगवाने के एवज में करीब तीन करोड़ रुपये डकारे हैं। पीड़ित लोग उनके पास आकर तकादा करते हैं। कुलपति के लिखित आश्वासन पर महिला ने अनशन स्थगित कर दिया।