पुलिस को उसने जो कहानी बताई उसके अनुसार शुक्रवार दोपहर यशपाल और कविता के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद कविता ने जहर खा लिया।
इसका पता जब यशपाल को चला तो उसने कविता के साथ मारपीट की। बाद में उसे इलाज के लिए मोरी सामुदायिक चिकित्सा केंद्र लेकर पहुंचा।
वहां के चिकित्सकों के कहने पर वह पहले कविता को लेकर पुरोला अस्पताल और फिर मसूरी अस्पताल लेकर पहुंचा।
मसूरी से भी डाक्टरों ने पत्नी को हायर सेंटर ले जाने के लिए कहा। देहरादून लाते समय रास्ते में कविता की मौत हो गई।
इसके बाद जब वह टैक्सी से पत्नी का शव वापस लेकर जाने लगा तो चालक को मोरी में हुए घटनाक्रम (कविता की हत्या को लेकर बवाल) का पता चला तो उसने यशपाल को बीच रास्ते में छोड़ दिया।
मोरी में अनहोनी के डर से यशपाल कविता के शव को सीधे रायपुर थाने ले आया। इंस्पेक्टर रायपुर हेमेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि रविवार सुबह मोरी पुलिस रायपुर थाने पहुंची थी। वह यशपाल को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है।