रविवार को लामबगड़ में हाईवे ठप होने से 370 तीर्थयात्रियों को पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में ही रोक दिया गया था, जबकि 133 तीर्थयात्री लामबगड़ में तीन किलोमीटर पैदल और उसके बाद वाहनों से बदरीनाथ धाम पहुंचे। शनिवार देर रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश शुरू होने से लामबगड़ नाले का जलस्तर बढ़ गया।
नाले में बदरीनाथ हाईवे करीब बीस मीटर तक बहने के साथ ही लामबगड़ में चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर भी हाईवे पर आ गए। रविवार को सुबह सात बजे से मेकाफेरी कंपनी की जेसीबी मशीन और मजदूरों ने हाईवे का सुधारीकरण कार्य शुरू किया, लेकिन अपराह्न तीन बजे से पुन: बारिश शुरू होने से हाईवे खोलने का काम नहीं हो पाया।
यहां हाईवे चीन सीमा क्षेत्र को भी जोड़ता है, जिससे सेना व आईटीबीपी के जवानों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह का कहना है कि लामबगड़ नाले का सुधारीकरण कार्य लगभग पूर्ण हो गया है, लेकिन बारिश होने से हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खोला जा सका है। सोमवार से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कर ली जाएगी। 370 तीर्थयात्रियों को पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में ही रोक लिया गया है।