ऐसे शक की सुई उसी के ऊपर घूम गई। शनिवार शाम पुलिस की जानकारी मिली कि मृतका का पति दिनेश नेपाल भागने की फिराक में है। इस पर टीम ने उसे डिग्री कॉलेज रोड से गिरफ्तार कर लिया।
घटना में प्रयुक्त पिकप को भी टीम ने कब्जे में ले लिया है। मालूम हो कि 17 अप्रैल को दिनेश ने गोमती के लापता होने की मौखिक जानकारी दी थी और 23 अप्रैल को उसने पुलिस को तहरीर सौंपी, जिसके आधार पर पुलिस ने गोमती की गुमशुदगी दर्ज की थी।
टीम में ये रहे शामिल
टीम में प्रभारी कोतवाल प्रताप सिंह नेगी, एसओजी प्रभारी प्रकाश सिंह मेहरा, एसआई हेम तिवारी, संजय पुनिया, प्रियांशु जोशी, दिनेश सिंह, प्रियंका मौनी, शिवानी नेगी, अनिल मर्तोलिया, मनमोहन भंडारी, बलवंत वल्दिया, संदीप चंद, राजकुमार, राजेंद्र प्रसाद आदि थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपी दिनेश बहादुर (32) ने बताया कि उसकी शादी 14 वर्ष पहले गोमती देवी पुत्री कालू कोहली जिला दार्चुला, नेपाल से हुई। पत्नी और तीन बच्चों के साथ वह पिछले आठ माह से डिग्री कालेज के पास किराए के मकान में रह रहा है।
मजदूरी के साथ पिकप चलाकर वह परिवार का पेट पाल रहा था। पत्नी घरों में खाना बनाने का काम करती थी। उसने बताया कि पत्नी के साथ काफी समय से उसकी कलह चल रही थी। उसे पत्नी के चाल-चलन पर शक था। पत्नी की हत्या के बाद कमरा खाली करके तीनों बच्चों को नेपाल छोड़ दिया और खुद पिथौरागढ़ आकर डर के मारे इधर-उधर छुपता रहा।
गला दबाकर की हत्या
16 अप्रैल को गोमती काम से वापस लौट रही थी, तभी पिकप रोककर मां की तबियत खराब होने की बात बताई और भाटकोट चलने को कहा। पत्नी को भाटकोट के बजाय वह चंडाक की ओर ले गया। चमाली रोड पर कलमठ के पास वाहन रोककर पत्नी से बात करने लगा। यहां दोनों में काफी बहस हुई और बात इतनी बढ़ी कि दिनेश ने दुपट्टे से गला दबाकर गोमती की हत्या कर दी। शव कलवर्ट के नीचे नग्नावस्था में डाल दिया, साथ ही नाक-कान से सोने के आभूषण निकालकर कपड़ों को झाड़ी में फेंक दिया।