जायदाद का लालच एक दंपति पर इतना ज्यादा चढ़ गया कि उसने 'अपने' ही बच्चे को उठवा लिया।
रुड़की में बेलड़ी गांव से लापता साढ़े चार साल के मासूम राजेश्वर को पुलिस ने बरामद कर लिया है। वह लापता नहीं हुआ था बल्कि ताऊ-ताई ने संपत्ति के विवाद के चलते अपहरण कराया था। अपहरण के बाद 15 लाख की फिरौती मांगी गई थी।
शक न हो इसके लिए अपने पांच साले के बेटे कृष्णा को भी उसके साथ लापता बता दिया था। पुलिस ने ताऊ और ताई के अलावा अपहरण में शामिल रहे तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
शनिवार को कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि 10 मई को बेलड़ी गांव निवासी दिनेश पुत्र चमन लाल ने कोतवाली में अपने बेटे कृष्णा और छोटे भाई सुरेश के बेटे राजेश्वर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
गांव के तालाब में डूब जाने की आशंका के चलते तालाब से पानी भी निकलवाया गया, लेकिन बच्चों का सुराग नहीं लगा। पुलिस को शक होने पर दिनेश की पत्नी संयोगिता से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया।