शुक्रवार को पत्नी की मौत की खबर सुनकर पति की भी मौत हो गई। दोनों के जनाजे की तैयारियां होने लगी। जनाजे उठे लेकिन अचानक पत्नी की सांसे चलने लगी। इसके बाद जो हुआ उस पर यकीन नहीं कर पाएंगे।
डाक्टर्स डे की पूर्व संध्या पर चिकित्सकों की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला को डाक्टरों ने जवाब दे दिया तो उसका पति यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसकी मौत हो गई।
चंद घंटों के बाद पत्नी को भी मृत घोषित कर दिया गया। शुक्रवार देर शाम ज्वालापुर से जब पति-पत्नी के जनाजे एक साथ उठने लगे और घर में चीख पुकार मचने लगी तो पत्नी की सांसें चलने लगी।
इससे अंतिम यात्रा में शामिल होने आए लोग हतप्रभ रह गए। महिला को फिलहाल एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने देहरादून के अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
ज्वालापुर के मोहल्ला कैथवाड़ा निवासी नानू पीरजी की पत्नी सहाना को रमजान के दिनों में देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से निजी अस्पताल में ही उसका इलाज चल रहा था।