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एक साथ उठे पति-पत्नी के जनाजे, फिर अचानक चलने लगी सांसे, इसके बाद...

Sat, 01 Jul 2017 05:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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Demo Pic - फोटो : demo
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शुक्रवार को पत्नी की मौत की खबर सुनकर पत‌ि की भी मौत हो गई। दोनों के जनाजे की तैयार‌ियां होने लगी। जनाजे उठे लेक‌िन अचानक पत्नी की सांसे चलने लगी। इसके बाद जो हुआ उस पर यकीन नहीं कर पाएंगे।
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डाक्टर्स डे की पूर्व संध्या पर चिकित्सकों की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला को डाक्टरों ने जवाब दे दिया तो उसका पति यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसकी मौत हो गई।

चंद घंटों के बाद पत्नी को भी मृत घोषित कर दिया गया। शुक्रवार देर शाम ज्वालापुर से जब पति-पत्नी के जनाजे एक साथ उठने लगे और घर में चीख पुकार मचने लगी तो पत्नी की सांसें चलने लगी। 
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इससे अंतिम यात्रा में शामिल होने आए लोग हतप्रभ रह गए। महिला को फिलहाल एक स्‍थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने देहरादून के अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

ज्वालापुर के मोहल्ला कैथवाड़ा निवासी नानू पीरजी की पत्नी सहाना को रमजान के दिनों में देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से निजी अस्पताल में ही उसका इलाज चल रहा था।

 
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सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया पत‌ि

बृहस्पतिवार को हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने महिला के इलाज से हाथ खड़े कर दिए और घर ले जाकर सेवा करने की सलाह दे डाली। यह बात सुनकर नानू को गहरा सदमा लगा और चक्कर खाकर मौके पर ही गिर गया।

चंद मिनट में ही करीब 48 वर्षीय नानू का इंतकाल हो गया। परिजन ज्वालापुर से देहरादून की तरफ दौड़े। अस्पताल कर्मियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराने पर अड़ गई। परिजनों ने रात में ही डीएम से मिलकर पोस्टमार्टम न कराने की इच्छा जताई। तमाम गुहार लगाने के बावजूद रात में अनुमति नहीं मिल पाई।

परिजनों के अनुसार शुक्रवार दोपहर महिला को भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति तंगहाल होने के कारण अस्पताल का भारी भरकम बिल जमा करने में काफी समय लग गया। अस्पताल ने पूरी रकम जमा कराए बिना शव देने से साफ इनकार कर दिया।

शुक्रवार रात करीब आठ बजे ग्रामीण पति-पत्नी के शवों को सुपुर्द-ए-खाक करने ले जाने लगे तो महिला की सांसें चलने लगी। इस पर मौके पर मौजूद लोग हतप्रभ रह गए। 108 बुलाकर उसे निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार चल रहा है।

बीमार महिला की मौसेरी बहन आसमा खान ने मामले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से देहरादून स्थित निजी अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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