उसके बाद प्रसूता की फाइल में दर्ज मोबाइल नंबरों पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। इससे परेशान होकर कर्मचारियों ने नवजातों के शव अस्पताल की शवगृह में रखवाए।
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि प्रसूता नीतू बिहार की रहने वाली है और वह परिजनों संग अपने घर पहुंच गई है। तब से प्रबंधन के सामने मुसीबत यह हो रही है कि वह अपने स्तर से शव का अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे हैं।
अस्पताल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि गाइडलाइन के मुताबिक प्रबंधन अपने स्तर पर अंतिम संस्कार नहीं कर सकता। इसके लिए प्रशासन को अवगत करा दिया है।