इनके साथ एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस के जवान भी शामिल होंगे। इन पांचों टीमों के लिए केदारधाम के अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। सभी टीमें रवाना भी हो चुकी हैं।
एडीजे ने बताया कि इस समय बारिश बंद हो चुकी है और बर्फबारी भी नहीं हो रही है। ऐसे में इस मौसम को उपयुक्त मानते हुए तलाश शुरू कराई गई है। इन टीमों को अपना काम पूरा करने के लिए रूट की लंबाई के लिहाज से दो से आठ दिन लग सकते हैं।
नरकंकाल मिलने की दशा में डीएनए सैंपल लेने के बाद अंतिम संस्कार का जिम्मा भी इन्हीं टीमों को दिया गया है।