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नोट बंदी के सात माह बाद मिली पुरानी करेंसी की इतनी बढ़ी खेप कि चकरा गई पुलिस

Sun, 30 Jul 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर
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- फोटो : ANI
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नोटबंदी हुए करीब सात माह का समय बीत चुका है। लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद अब पुलिस को पुरानी करेंसी की इतनी बढ़ी खेप मिली है कि वह चकरा गई।
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उत्तराखंड की काशीपुर पुलिस ने बंद हो चुके एक हजार और पांच सौ के 79 लाख 45 हजार रुपये के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों किसी एनआरआई से ये नोट बदलवाने जा रहे थे। उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बांसफोडान चौकी प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि क्षेत्र में पुरानी करेंसी कमीशन पर एनआरआई के माध्यम से बदलवाने का धंधा चल रहा है।
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एक एनआरआई ने नोट बदलने के लिए बुलाया था

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बृहस्पतिवार रात कोतवाल चंचल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पंत पार्क में छापा मारा तो वहां बेंच पर ग्राम गिरधई थाना आईटीआई निवासी जसविंदर सिंह उर्फ पप्पू पुत्र जोरा सिंह और मालवा फार्म जसपुर खुर्द थाना आईटीआई निवासी परमजीत सिंह उर्फ सोनू पुत्र गुरमीत सिंह बैठे थे। 

पुलिस ने उनके थैलों की जांच की तो जसविंदर के पास से 54 लाख और परमजीत सिंह के पास 25 लाख 45 हजार के पुराने नोट बरामद हुए।

चौकी प्रभारी के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नोटबंदी के दौरान उन्होंने कमीशन पर लोगों के नोट बदलवाए थे, लेकिन यह रकम बदलने से बच गई थी। एक एनआरआई ने बदलने के लिए पंत पार्क बुलाया था, लेकिन उनके आने से पहले पुलिस आ गई। 
 
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पौने तीन करोड़ की मिली थी सूचना

नोटबैन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
सूत्रों ने बताया कि गिरोह बाजपुर के किसी एनआरआई से नोट बदलवाने के प्रयास में था। इस गिरोह में तीन लोग थे। जिनके पास लगभग पौने तीन करोड़ की पुरानी करेंसी थी।

दो लोग 79 लाख 45 हजार रुपये लेकर पंत पार्क पहुंच गए, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। एक जिसके पास पौने दो करोड़ रुपये थे, उसके पहुंचने में कुछ देर हो गई। तब तक पुलिस उसके दोनों साथियों को पकड़ चुकी थी।

करेंसी तस्करों को पकड़ने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक चंचल शर्मा, एसएसआई वीरेंद्र रमोला, एसआई जसविदंर सिंह, सिपाही कुलदीप सिंह, देवेंद्र सिंह (एसओजी), कैलाश तोमक्याल, गिरीश कांड पाल थे। 
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