अमर उजाला द्वारा आयोजित ज्योतिष महाकुंभ में अपने बेधड़क अंदाज के लिए मशहूर गीतानंद सरस्वती के पास लोगों की ज्यादा भीड़ दिखाई दी।
विज्ञापन
डिजिटल इंडिया के दौर में भी हिट है ज्योतिष, ये देखिए तस्वीरें
2 of 10
शिवानी खेतान
- फोटो : Amar Ujala
कार्यक्रम में पहुंची टैरो कार्ड रीडर शिवानी खेतान से अपना भविष्य जानते दूनवासी।
विज्ञापन
डिजिटल इंडिया के दौर में भी हिट है ज्योतिष, ये देखिए तस्वीरें
3 of 10
केए दुबे पद्मेश
- फोटो : Amar Ujala
अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष केए दुबे पद्मेश ने कहा कि मनुष्य की जिज्ञासा के साथ ही ज्योतिष की उत्पत्ति है। हमने दुनिया को काल गणना दी। काल गणना का आधार बिंदु भारत रहा। एक समय ऐसा भी आया जबकि ज्योतिष दबती चली गई। कहा कि आज भी ज्योतिष को उतना सम्मान नहीं मिल पा रहा है।
डिजिटल इंडिया के दौर में भी हिट है ज्योतिष, ये देखिए तस्वीरें
4 of 10
ज्योतिष महाकुंभ
- फोटो : Amar Ujala
कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग अपने भविष्य के बारे में जानने पहुंचे।
विज्ञापन
डिजिटल इंडिया के दौर में भी हिट है ज्योतिष, ये देखिए तस्वीरें
5 of 10
केके पॉल
- फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला द्वारा आयोजित ज्योतिष महाकुंभ में मुख्य अतिथि के दौर पर पहुंचे उत्तराखंड राज्यपाल केके पॉल ने ज्योतिष में शोध की आवश्यकता है। अब भी ज्योतिष में कई बाते हैं जो सबकी समझ से परे हैं यदि ज्योतिष में शोध कर सभी बातों को सामने लाया जाए, तो इस पर विश्वसनीयता अधिक होगी।
विज्ञापन
डिजिटल इंडिया के दौर में भी हिट है ज्योतिष, ये देखिए तस्वीरें
6 of 10
ज्योतिष महाकुंभ
- फोटो : Amar Ujala
जहां एक तरफ कार्यक्रम में पहुंचे ज्योतिष कर्म को बल दे रहे थे, वहीं लोग ज्योतिष विधा से अपना भाग्य जगाने को आतुर दिखे।
विज्ञापन
डिजिटल इंडिया के दौर में भी हिट है ज्योतिष, ये देखिए तस्वीरें
7 of 10
ज्योतिष महाकुंभ
- फोटो : AmarUjala
हथेली के रेखाओं से अपने भविष्य के बारे में जानती महिला।
डिजिटल इंडिया के दौर में भी हिट है ज्योतिष, ये देखिए तस्वीरें
8 of 10
ज्योतिष महाकुंभ
कुंडली दिखाकर अपने कष्ठों को निवारण जानने भी पहुंचे बहुत से लोग।
डिजिटल इंडिया के दौर में भी हिट है ज्योतिष, ये देखिए तस्वीरें
9 of 10
ज्योतिष महाकुंभ
- फोटो : amar ujala
मां त्रिशला के नाम से विख्यात ज्योतिष त्रिशला चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में होने वाले अगले विधानसभा चुनावों में इस बार से ज्यादा महिला प्रत्याशी जीतेंगी। वहीं कुछ महिला विधायकों के कद में इजाफा भी होगा। लगातार जीत रही कुछ महिला विधायक और मजबूती से जीत हासिल करेंगी। हालांकि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पुरुष ही विराजमान होगा।