इसे विद्युत विभाग की अनदेखी कहें या स्कूल संचालकों की मनमर्जी। बताया जा रहा है कि निजी विद्यालय परिसर में आवासीय भवन हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे है, जबकि ताड़ीखेत में विद्युत निगम के अवर अभियंता तैनात रहते हैं। भवन बनते वक्त विभाग ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया, जिसकी कीमत एक गरीब महिला को जान देकर चुकानी पड़ी है।
अवैध कंस्ट्रक्शन नहीं किया गया है। विद्युत विभाग के संज्ञान में लेकर ही कंस्ट्रक्शन किया गया था। भवन की छत पर 10 फुट ऊंची रेलिंग भी दी गई है। पंकज सती, प्रबंधक केपीएस।
विद्युत विभाग की संज्ञान में लाए बगैर हाईटेंशन लाइन के बराबर से होकर बिल्डिंग बना दी गई। विभाग की तरफ से इस घटना को लेकर स्कूल स्वामी को शीघ्र नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल मृतका के परिजनों को 80 हजार रुपये मुआवजा दे दिया गया है।
- महिपाल सिंह, जेई, विद्युत विभाग, ताड़ीखेत।