कैदियों की अगुवाई कर रहे देहरादून के बदमाश जितेंद्र उर्फ जित्ती से जब जेल प्रशासन ने बातचीत की तब उसने तीन सूत्रीय मांगों के पूरा होने पर भूख हड़ताल खत्म करने की बात कही। जेल प्रशासन से बैरकों में सख्ती से चेकिंग बंद करने, मनचाहा भोजन परोसने और पूरे जेल परिसर में बेरोकटोक आवाजाही की मांग की गई।
जेल प्रशासन ने इन मांगों को खारिज करते हुए कैदियों को मनाना चाहा लेकिन वह माने नहीं। सुबह के नाश्ते के बाद दोपहर का खाना भी कैदियों ने नहीं लिया। दिन भर कैदियों की मान मनौव्वल चलती लेकिन जेल अधिकारियों की बात को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।
शाम करीब छह बजे तक भी रात का खाना कैदियों ने लेने से इनकार कर दिया। जेलर एसएम सिंह ने बताया कि सात बजे जेल की सभी बैरकों को बंद कर दिया जाएगा। उच्च अधिकारियों को कैदियों की मांगों के संबंध में अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह जब बैरक खुलेगी तब फिर से कैदियों से नाश्ता लेने की बात कही जाएगी। कैदियों को समझाने का प्रयास चल रहा है।