विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि आज व्यक्ति की नहीं, व्यक्तित्व की जरूरत है। कुलपति शरद पारधी ने स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुुत की।
इससे पूर्व समारोह का शुभारंभ डॉ. निशंक और डा.. प्रणव पंड्या ने किया। विवि के कुलगीत के बाद देसंविवि के कुलपति शरद पारधी ने अतिथियों का स्वागत किया। नवप्रवेशार्थी छात्र-छात्राओं को उदय किशोर मिश्र ने ज्ञान दीक्षा का वैदिक कर्मकांड संपन्न कराया। कुलाधिपति डॉ. पंड्या ने उन्हें ज्ञानदीक्षा का संकल्प दिलाया।
कुलाधिपति और मानव संसाधन मंत्री डॉ. निशंक ने चयनित छात्र-छात्राओं को विवि का बैज तथा उपवस्त्र भेंट किए। इस मौके पर विवि की रिसर्च जर्नल एवं संस्कृति संचार, ई न्यूज संचार के नवीन संस्करण तथा वैदिक इंफामेट्रिक्स श्रीराम चरित मानस में जीवन मूल्य व टूरिज्म रिसर्च का अतिथियों ने विमोचन किया। संचालन गोपाल शर्मा ने किया।
इस अवसर पर स्विनबर्न यूनिवर्सिटी आस्ट्रेलिया के प्रति कुलपति अजस कपूर, आरपी जैसवार सीईओ टाटा मेमोरियल हास्पिटल बनारस, विधायक सुरेश राठौर, विधायक संजय गुप्ता, भाजपा के जिलाध्यक्ष डा. जयपाल चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जमदग्नि, अनिल अरोड़ा, अश्विनी कौशिक, दिनेश शर्मा, कन्हैया खेवड़िया, शांतिकुंज के व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र, देसंविवि के कुलसचिव बलदाऊ देवांगन समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
523 नवप्रवेशी छात्रों को दी दीक्षा
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के 35वें ज्ञानदीक्षा समारोह में नवप्रवेशार्थी छात्र वैदिक सूत्रों में बंधे। देसंविवि में सर्टीफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक व परास्नातक के 41 विभिन्न कोर्स के लिए भारत के 22 राज्यों के अलावा चीन के 26, तिब्बत के दो, लिथुआनिया, नेपाल, इंडोनेशिया, मिस्र के एक एक विद्यार्थी नए सत्र में शामिल हैं। ज्ञानदीक्षा समारोह में विवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पंड्या ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 523 नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को दीक्षा दी।