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एसडीएम बोली कहां से लाऊं चाय के पैसे साहब

Sat, 05 Oct 2013 04:46 PM IST
अमर उजाला, काशीपुर
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अफसरशाही अगर सीधे-सादे तरीके से नौकरी करना चाहे तो कितनी दिक्कत है। एसडीएम इवा सहाय ने इस पीड़ा को उस वक्त बयां किया, जब उनसे मिलने पहुंचे विधायक ने चाय पीने की इच्छा जाहिर की।
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इस दौरान नेताओं के अलावा काफी संख्या में लोग और मीडियाकर्मी वहां मौजूद थे। शुक्रवार को विधायक हरभजन सिंह चीमा राज्य आंदोलनकारियों के संबंध में एसडीएम इवा सहाय से उनके कार्यालय में बात कर रहे थे।

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चाय-पानी के लिए अलग से फंड
तभी चीमा को चाय पीने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने एसडीएम से पूछा कि क्या चाय की व्यवस्था है। एसडीएम ने कहा इसके लिए उनको कोई फंड नहीं मिलता है। बात यही नहीं रुकी। विधायक चीमा ने तुरंत डीएम को फोन कर कहा कि अधिकारियों को चाय-पानी के लिए अलग से फंड दिया जाना चाहिए।
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इसके बाद एसडीएम ने अपने पेशे की व्यथा यूं बताई। एसडीएम विधायक से बोलीं, चाहती हूं कि उनका पटवारी किसी से एक रुपया न ले। मगर क्या करें, कई पॉलिटीशियन ऐसे हैं कि जो अपने 8-10 लोगों के साथ आते हैं।

लंच व डिनर की व्यवस्था
फिर उनके पीए फोन कर कहते हैं साहब उस गेस्ट हाउस में रुके हैं। लंच व डिनर की व्यवस्था करा दो। एक पॉलिटीशियन जाता है तो दूसरा आता है। पटवारी कहां से इतना खर्च उठाएगा।

विधायक चीमा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वह शासन में इस मामले को उठाएंगे। काशीपुर रास्ते में पड़ता है। यहां नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। यहां के अधिकारी- कर्मचारी कैसे खर्च उठाएंगे। सरकार को मेहमानों व वीआईपी नेताओं का खर्चा वहन करना चाहिए।
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