उधर, अब सरकारी पट्टों पर दोबारा से खनन शुरू किया जाना है। एक अक्तूबर से जिलों के पट्टों को आवंटित किया जाना है, लेकिन सूत्रों की मानें तो अभी तक कोई ठेकेदार इसमें रुचि नहीं ले रहा है। प्रशासन मंथन कर रहा है कि किस तरह इन पट्टों पर काम शुरू कराया जाए, जिससे राजस्व भी मिले और लोगों को निर्माण सामग्री सस्ती मिले।
चूंकि बरसात में निर्माण कार्य धीमा होता है। इससे सामग्री की भी कम जरूरत होती है। इसकी यमुना नदी और इसके आसपास की नदियां खनन सामग्री की पूर्ति कर देती है। अब मोटर वाहन अधिनियम कड़ा होने से कोई वाहन चालक सड़क पर नहीं उतर रहा है। मसलन, यदि किसी के वाहन में कोई थोड़ी भी कमी है तो वह सड़क पर उतरने से साफ मना कर दे रहा है। इससे भी खनन सामग्री कम आने से दामों में बढ़ोतरी हो रही है।
पट्टों पर खनन शुरू कराने की तैयारी चल रही है। हर बार एक अक्तूबर से इन पर काम शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार इसे पहले भी शुरू किया जा सकता है। इस संबंध में डीएम ने भी खनन विभाग के साथ बैठक की थी।
-रामजीशरण शर्मा, एडीएम प्रशासन