अब उत्तर प्रदेश के समय के नियमों में बदलाव की तैयारी है। दरअसल, यूपी के समय के इन नियमों में सिनेमा हॉल, मॉल, अस्पताल, नर्सिंग होम आदि के नक्शे पास करने के लिए भूमि का बड़ा क्षेत्रफल अनिवार्य है। नई नीति में घटती भूमि को ध्यान में रख कर कम जगह पर भी ऐेसे व्यावसायिक निर्माण हो सकेंगे। व्यावसायिक भवनों और कॉलोनियों के निर्माण में चौड़ी सड़कों की बाध्यता को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।
रियल एस्टेट में आएगा उछाल
लंबे समय से मंदी के दौर में चल रहे रियल एस्टेट में छह नीतियों में होने वाले संशोधनों से बड़ा उछाल आएगा। व्यावसायिक परिसर निर्माण के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में दी जाने वाली छूट से वहां भी निर्माण आसान होगा। वहीं प्रदेश में छोटे मॉल और मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों के निर्माण में भी तेजी आएगी।
सरकार अवैध निर्मित परिसरों को वैध बनाने के लिए एक मुश्त समाधान योजना ला रही है। इससे शहरी क्षेत्रों में अवैध भवन मालिकों से होने वाली वसूली रुकेगी। इस योजना के तहत भवन मालिक कभी भी आवेदन कर कंपाउंडिंग करवा सकेंगे।
आवास विकास की छह नीतियों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इसके तहत आवासीय और व्यावसायिक भवन निर्माण आसान होगा। कम होती भूमि को देखते हुए कई नीतिगत बदलाव कर भवन निर्माण को आसान बनाया जा रहा है।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री