साल 2013 में पहली बार तराई पूर्वी वन प्रभाग की गौला रेंज में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। ड्रोन से गौला नदी में खनन और अवैध खनन की निगरानी की गई थी। सकारात्मक परिणाम आने के बाद जंगलों में वन्य जीवों की निगरानी में भी उपयोग किया गया।
ये अधिकारी होंगे शामिल
फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स के मुखिया प्रमुख वन संरक्षक जयराज को बनाया गया है। फोर्स में सेंटर फॉर ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च के अमित सिन्हा, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुरेंद्र मेहरा, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक यमुना वृत्त प्रसन्न पात्रो, डीएफओ तराई पूर्वी नीतीश मणि त्रिपाठी शामिल हैं।
जिम कार्बेट नेशनल पार्क
मालसी चिड़ियाघर (देहरादून)
राजाजी नेशनल पार्क
पश्चिमी वन वृत्त (तराई केंद्रीय, तराई पूर्वी, तराई पश्चिमी, हल्द्वानी और रामनगर वन प्रभाग)
उत्तराखंड में देश की पहली फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स बनाई गई है। ड्रोन के उड़ान के लिए डीजीसी ने नियम बनाए हैं उन नियमों को पूरा करने संबंधित सभी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। ड्रोन फोर्स के गठन से शिकार, अवैध खनन समेत अन्य गैर कानूनी गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी।
-डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक/कोआर्डिनेटर फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स