अपराध को कम करने के लिए जल्द गृह मंत्रालय बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब अपराधियों के लिए अपराध के बाद गायब हो जाना पहले जैसा आसान नहीं रह जाएगा।
होटल और धर्मशालाओं की आड़ में बढ़ते अपराध पर नकेल कसने के लिए गृह मंत्रालय ने ठोस पहल शुरु कर दी है। इसके तहत अब होटल और धर्मशालाओं पर सीधे खुफिया एजेंसी की नजर रहेगी।
राजधानी देहरादून के सभी होटल, धर्मशाला और अस्पताल अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की योजना के तहत लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) की खुफिया नजरें बनी रहेंगी।
15 अगस्त तक विदेशी पंजीकरण कार्यालय में रजिस्ट्रेशन
योजना के तहत सभी होटलों, धर्मशालाओं, अस्पतालों को 15 अगस्त तक विदेशी पंजीकरण कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ऐसा न करने पर वहां विदेशी सैलानियों को नहीं ठहराया जा सकेगा।
गृह मंत्रालय के इमिग्रेशन, वीजा एंड फॉरनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) प्रोजेक्ट के तहत देश के हर जिले को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाना है। मुख्य सर्वर ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन और राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) संचालित करेंगे।
पहले चरण में सभी राज्यों की राजधानी को जोड़ा जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत राजधानी के सभी होटल, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउस व अस्पताल को अब एलआईयू की विदेशी पंजीकरण कार्यालय से पंजीकृत होना होगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर होगा पंजीकरण
पंजीकरण केंद्रीय गृह मंत्रालय की वेबसाइट indianfrro.gov.in/frro/fromC पर जाकर करना होगा। वेबसाइट पर पंजीकरण फार्म भरने के दूसरे दिन एलआईयू कार्यालय से अप्रूवल लेना होगा। अप्रूवल के बाद किसी होटल या अन्य जगह कोई विदेशी ठहरे तो उसकी आईडी आनलाइन एलआईयू को भेजनी होगी।
एसएसपी और विदेशी पंजीकरण अधिकारी केवल खुराना ने बताया कि 15 अगस्त तक हर होटल, धर्मशाला व अन्य संस्थानों को पंजीकृत होना अनिवार्य है। जो होटल तय तिथि तक पंजीकृत नहीं होगा, वहां विदेशी नहीं रुक सकेंगे।
विदेशियों को भी कराना होगा पंजीकरण
केंद्र के आईवीएफआरटी प्रोजेक्ट के तहत अब जो भी विदेशी राजधानी में आएगा, उसे भी गृह मंत्रालय की वेबसाइट www.boi.gov.in या indiafrro.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा। वेबसाइट उन्हें दून के एलआईयू से जोड़ेगी। उसके बाद उन्हें भी अप्रूवल के लिए एक बार एलआईयू दफ्तर आना होगा।