देहरादून के जामुनवाला में होटल मैनेजमेंट के एक छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट में छात्र ने कहा है कि वह जिंदगी भर बोझ बनकर नहीं जीना चाहता। आखिर में बाय मम्मी लिखकर मौत को गले लगा लिया।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के जामुनवाला निवासी पूर्व सैनिक कालू चंद का पुत्र वीरेंद्र चंद्र (22) नेहरू कॉलोनी स्थित एचआईटी से होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था।
बुधवार रात करीब 12 बजे वीरेंद्र परिजनों से बात कर सोने के लिए अपने कमरे में गया था। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे तक उठा नहीं तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया। जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो कमरे की खिड़की से झांककर देखा गया। कमरे के अंदर वीरेंद्र पंखे पर लटका हुआ था। यह नजारा देखकर शोर मचा तो आसपास के लोग भी आ गए।
दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा गया। प्रधान कमल धामी की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसओ प्रेमनगर नरेश राठौड़ ने बताया कि खुदकुशी की घटना तड़के की है, क्याेंकि तीन बजे तक सब ठीक था। लाश के पास वीरेंद्र का सुसाइड नोट मिला, जिसमें जिंदगी से हारकर मरने की बात की गई है।
दस लाइन का सुसाइड नोट
मैं जा रहा हूं, जिंदगी भर बोझ बनकर नहीं रहना चाहता हूं। बहुत पैसे खर्च हो गए हैं मेरे ऊपर और मैं कुछ सीख भी नहीं पाया। मैं कुछ नहीं कर सकता, मैं हार चुका हूं, मैं नहीं जीना चाहता। बाय मम्मी...