उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम संचालित करने पर ब्रेक लग गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस पाठ्यक्रम को चलाने के लिए पूर्व में प्रदान की गई मान्यता को वापस ले लिया है। साथ ही जुलाई से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र 2019-20 में बीएचएम और एमएचएम में दाखिले नहीं करने के आदेश दिए हैं। यूजीसी ने यह कदम एआईसीटीई की आपत्ति पर उठाया है।
यूओयू की ओर से विभिन्न पाठ्यक्रमों के साथ बैचलर आफ होटल मैनेजमेंट (बीएचएम) और मास्टर आफ होटल मैनेजमेंट (एमएचएम) पाठ्यक्रम भी करीब 10 वर्षों से संचालित किया जा रहा है। बीएचएम चार वर्ष का, जबकि एमएचएम दो वर्ष का मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम है। प्रत्येक वर्ष मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्रों पर प्रदेश भर में बड़ी संख्या दाखिले होते हैं। पिछले वर्ष 2018 में यूजीसी ने मानकों को पूरा न करने को लेकर यूओयू के 75 से अधिक पाठ्यक्रमों को चलाने पर रोक लगा दी थी तथा मान्यता नहीं दी थी। बाद में यूओयू की ओर से पैरवी करने पर यूजीसी ने प्रमुख पाठ्यक्रमों के साथ होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम को चलाने की अनुमति दी थी।
वहीं, नए शिक्षा सत्र 2019-20 में दाखिले की प्रक्रिया जुलाई में शुरू होनी है। इसकी तैयारी चल रही है। इस बीच यूजीसी ने नए सत्र 2019-20 में होटल मैनेजमेंट प्रोग्राम में दाखिला न करने के आदेश दिए हैं। यूजीसी ने होटल मैनेजमेंट प्रोग्राम की मान्यता ले ली है। यूजीसी द्वारा कहा गया है कि एआईसीटीई ने होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम दूरस्थ शिक्षा के आधार पर संचालित किए जाने पर आपत्ति जताई है। एआईसीटीई ने इसकी वजह होटल मैनेजमेंट को अत्यधिक प्रयोगशाला से जुड़ा पाठ्यक्रम होना बताया है, जिसे दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से नहीं चलाया जा सकता।
कितने छात्र हैं पंजीकृत
- बैचलर आफ होटल मैनेजमेंट (बीएचएम) में 1697 छात्र अध्ययनरत।
- मास्टर आफ होटल मैनेजमेंट (एमएचएम) में 733 छात्र अध्ययनरत।
यूजीसी ने होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम संचालित करने की पूर्व में मान्यता दी थी, जिसे यूजीसी ने एआईसीटीई की आपत्ति को आधार बनाते मान्यता को विड्रा कर लिया गया है। इस संबंध में यूजीसी का पत्र प्राप्त हुआ है। इस वजह से सत्र 2019-20 में होटल मैनेजमेंट में प्रवेश नहीं किए जाएंगे। विश्वविद्यालय इस संबंध में यूजीसी को प्रत्यावेदन भेजेगा।
-प्रो.आरसी मिश्रा, निदेशक एकेडमिक यूओयू हल्द्वानी