आपदा के मद्देनजर दो साल तक सरकारी अस्पतालों की फीस में 10 फीसदी बढ़ोतरी न करने का स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी का वादा पूरा नहीं हुआ।
बढ़ी हुई फीस का सॉफ्टवेयर लोड
रोगियों को नए साल में अस्पताल के पर्चे, बेड, पैथोलॉजिकल और डायग्नोस्टिक फीस के साथ 10 फीसदी अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा। अस्पतालों के कंप्यूटरों में बढ़ी हुई फीस का सॉफ्टवेयर लोड कर दिया गया है।
फीस न बढ़ाने के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों की बैठक में प्रस्ताव पास किया था। इस पर वित्त विभाग ने एतराज लगाया था, जिससे प्रस्ताव कैबिनेट में पेश होना था। कैबिनेट से पास न हो पाने के कारण मंत्री का वादा अधूरा रह गया।
अब दून अस्पताल, दून महिला चिकित्सालय, कोरोनेशन, संयुक्त चिकित्सालय आदि अस्पतालों के कंप्यूटर में नया सॉफ्टवेयर लोड हो गया है।
अब यह होगा शुल्क
मद - पहले - अब
ओपीडी पर्चा - 13 - 14
भर्ती शुल्क - 60 - 70
एक्सरे - 90 - 99
अल्ट्रासाउंड - 260 - 286
(शुल्क रुपए में)
31 दिसंबर को नया शुल्क स्लैब अस्पतालों की दीवारों पर चस्पा कर दिया जाएगा। एक जनवरी से रोगियों को बढ़ी हुई फीस ही देनी होगी।
- डॉ. आरएस असवाल, सीएमएस, दून अस्पताल