विकासनगर। विभिन्न मांगों के समर्थन में भोजनमाताओं का धरना प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। इस दौरान भौजनमाताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी ने कहा कि करीब दो माह से वह मानदेय बढ़ोतरी की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी मांग को अनसुना कर रही है। वर्तमान में राज्य में 30 हजार भोजनमाताएं हैं। जो बेहद ही अल्प मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। इतने कम मानदेय पर घर खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। वर्तमान में भोजनमाताओं को मानदेय के रूप में महज 3000 रुपये मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार नए शिक्षण सत्र से नैनीताल, हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंहनगर जिले में मध्याह्न भोजन का काम अक्षयपात्र फाउंडेशन को सौंप रही है। इससे इन जिलों में स्थापित स्कूलों में तैनात भोजनमाताओं के भविष्य पर संकट आने आशंका है। ऐसे में जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में सुमन शर्मा, रीता, मीना, रक्षा देवी, रेखा, कुसुम, अनीता, रजनी, रेनू यादव, रजनी, चंपा, बिरमा देवी, सरला, निर्मला खत्री, इंदिरा, उमा पाल, संसारवती, बबीता, रेखा चौधरी, सिंधु गुप्ता, माधुरी तोमर, दीपा, झूलो देवी, इतावरी देवी, नूरो देवी, बिट्टो देवी आदि शामिल रहीं।