एसपी रचिता जुयाल के निर्देश पर सीओ कपकोट संगीता और थानाध्यक्ष कांडा प्रह्लाद सिंह नौ जुलाई को पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और डीएम की अनुमति से दफनाए गए शव को निकाला गया। जिला मोबाइल फोरेंसिक यूनिट अल्मोड़ा ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या करने की पुष्टि होने पर पुलिस ने किशोरी के परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान पिता की बातों पर संदेह होने पर पुलिस ने सख्ती की तो उसने लोकलाज के भय से आवेश में आकर गला घोंट कर बेटी की हत्या करने की बात कबूल की।
मामले में पुलिस ने हत्या की धारा 302 और साक्ष्य छुपाने और गलत जानकारी देने की धारा 201 बढ़ा दी है। इससे पहले पुलिस टीम ने आरोपित पिता को शनिवार को जेठाई-बागेश्वर रोड के गंगनाथ मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में सीओ संगीता, थानाध्यक्ष कांडा प्रहलाद सिंह, कांस्टेबल अशोक कुमार, अशोक कुमार द्वितीय, भुवन प्रसाद शामिल थे।
बागेश्वर पुलिस के अनुसार पूछताछ में हत्यारोपी ने पिता ने बताया कि उसकी बेटी अपने दादा-दादी के साथ मंतोली गांव में रहती थी। सात जुलाई को परिजनों को किशोरी के गर्भवती होने का पता चला। इस पर कहासुनी होने के बाद पिता अपने घर जेठाई चला गया।
रात में मंतोली पहुंचा और बेटी के कमरे में जाकर गला घोंटकर उसकी हत्या करके चुपचाप जेठाई लौट आया। अगली सुबह फिर मंतोली पहुंचा और गांव के लोगों से कहा कि लोकलाज के भय से बेटी ने खुदकुशी कर ली है। आत्महत्या की बात पर यकीन कर ग्रामीणों के सहयोग से शव को श्मशान घाट पर दफना भी दिया।
किशोरी से दुष्कर्म के मामले की जांच जारी है। संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे। डीएनए सैंपलिंग के बाद ही किशोरी को गर्भवती करने वाले का पता चलेगा।
- रचिता जुयाल, एसपी, बागेश्वर